धुमा की प्राथमिक शाला में जिले के प्रथम बालिका शौचालय का लोकार्पण, मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान का दिया संदेश

धमतरी- सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यालयों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में धमतरी जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है। कुरुद विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमा स्थित प्राथमिक शाला परिसर में जिले के प्रथम बालिका शौचालय का निर्माण किया गया है। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को नवनिर्मित बालिका शौचालय का स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने सरपंच श्रीमति विधा साहू ,पंच राम साहू ने नव निर्मित बालिका शौचालय लोकार्पण किया गया। यह पहल विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं की स्वच्छता, सुविधा, निजता, स्वास्थ्य और गरिमा को ध्यान में रखकर की गई है।
प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं के लिए विद्यालय परिसर में सुरक्षित एवं स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता उनकी नियमित शैक्षणिक उपस्थिति और सहज विद्यालयीन वातावरण से भी जुड़ी होती है। बालिकाओं को अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए स्वच्छ एवं सुविधायुक्त स्थान उपलब्ध हो, इसके लिए धुमा पंचायत में पृथक बालिका शौचालय का निर्माण किया गया है। इस सुविधा से विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को शौचालय के साथ हाथ धोने, पानी और स्वच्छता संबंधी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
नव-निर्मित बालिका शौचालय को आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है। भवन पर बड़े अक्षरों में ‘मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान’ अंकित किया गया है। यह संदेश विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं के प्रति सम्मान और उनके लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने की भावना को अभिव्यक्त करता है। भवन पर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन ग्रामीण’ भी अंकित है, जो योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को दर्शाता है।
बालिकाओं की जरूरतों के अनुरूप विकसित सुविधा
वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस बालिका शौचालय के निर्माण के लिए 4 लाख 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। लगभग 4.50 मीटर × 3.60 मीटर क्षेत्र में निर्मित इस सुविधा में विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पृथक शौचालय कक्ष, पानी की व्यवस्था, हाथ धोने की सुविधा, वॉश एरिया, प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, सेनेटरी नैपकिन डिस्पोजल तथा रैम्प जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इन सुविधाओं का उद्देश्य बालिकाओं को विद्यालय परिसर में स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं के लिए सहज, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। विद्यालय में ऐसी सुविधाओं की उपलब्धता बच्चों में स्वच्छता की आदतों को मजबूत करने और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक व्यवहार विकसित करने में भी सहायक होती है।
‘मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान’ बना कार्यक्रम का संदेश
2 अक्टूबर को आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विद्यालय के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में शामिल छोटी-छोटी बच्चियों ने अपने हाथों में कागज की तख्तियां थामीं। इन तख्तियों को एक साथ रखने पर ‘मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान’ का संदेश उभरकर सामने आया।
बच्चियों की इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक आयाम दिया। यह संदेश केवल एक भवन पर लिखे शब्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाली बेटियों के प्रति सम्मान और उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की सामूहिक जिम्मेदारी को भी सामने लाया।
धुमा की प्राथमिक शाला में निर्मित यह बालिका शौचालय इस बात का उदाहरण है कि विद्यालयीन सुविधाओं का विकास बच्चों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए तो उसका प्रभाव सीधे उनके दैनिक जीवन पर पड़ता है। स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय बालिकाओं को सुविधा देने के साथ विद्यालय परिसर में उनके लिए अधिक सहज और गरिमापूर्ण वातावरण तैयार करता है।
सेवा संकल्प की भावना से जुड़ी पहल
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत धुमा पंचायत की यह पहल जनसेवा को संवेदनशीलता और आवश्यकताओं से जोड़ने का उदाहरण है। एक विद्यालय में बालिकाओं के लिए पृथक एवं सुविधायुक्त शौचालय का निर्माण आकार में भले ही सीमित अधोसंरचना हो, लेकिन इसका सीधा संबंध बच्चों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुविधा और सम्मान से है।
इस पहल से यह संदेश भी मजबूत होता है कि विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखना आवश्यक है। धुमा पंचायत का यह प्रयास अन्य विद्यालयों और ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है कि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ऐसी सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे बच्चों को बेहतर और गरिमापूर्ण विद्यालयीन वातावरण मिल सके।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी जयंत नाहटा ने कहा कि धुमा पंचायत में जिले के प्रथम बालिका शौचालय का निर्माण महत्वपूर्ण पहल है। विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त शौचालय की उपलब्धता उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा से जुड़ी है। ‘मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान’ का संदेश इस पहल की भावना को स्पष्ट करता है। प्रयास रहेगा कि आवश्यकतानुसार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में भी बच्चों की जरूरतों के अनुरूप आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
धुमा की प्राथमिक शाला में बना यह बालिका शौचालय केवल एक नई सुविधा नहीं, बल्कि बेटियों की जरूरतों को समझने, उनकी गरिमा को महत्व देने और विद्यालय को उनके लिए अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में उठाया गया सार्थक कदम है।
