धमतरी मराठा पारा-बांसपारा में नकाबपोश युवकों के उत्पात पर विधायक ओंकार साहू ने पुलिस प्रशासन पर उठाया सवाल
पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार की निष्क्रियता से अपराधियों के हौसले बुलंद ,नागरिकों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं - ओंकार साहू

धमतरी। धमतरी शहर के मराठा पारा और बांसपारा क्षेत्र में 21-22 अक्टूबर की रात नकाबपोश युवकों द्वारा हथियारों एवं लाठी-डंडों के साथ उत्पात मचाए जाने की घटना को लेकर धमतरी विधायक ओंकार साहू ने पुलिस प्रशासन और प्रदेश की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार की निष्क्रियता के कारण प्रदेश में आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। शहर के रिहायशी इलाके में इस तरह की घटना से आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होना गंभीर चिंता का विषय है।
विधायक श्री साहू ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 से अधिक नकाबपोश युवकों ने रात के समय मराठा पारा और बांसपारा क्षेत्र में तलवार, लाठी-डंडों के साथ घूमकर गाली-गलौज की और दहशत फैलाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम करीब डेढ़ घंटे तक चला। घटनास्थल कोतवाली थाना से महज 200 से 300 मीटर की दूरी पर होने की बात सामने आई है। ऐसे में पुलिस की गश्त, सूचना तंत्र और त्वरित कार्रवाई को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि घटना के बाद स्थानीय रहवासियों और मराठा समाज के लोगों का बड़ी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचकर विरोध दर्ज कराना इस बात को दर्शाता है कि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। नागरिकों को अपने ही मोहल्ले में भय के साये में रहने के लिए मजबूर होना पड़े, तो यह प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था पर सवाल
विधायक ओंकार साहू ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के कारण आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। धमतरी जैसे शहर में यदि नकाबपोश युवक हथियार लेकर सड़कों पर घूमते हैं और लंबे समय तक उत्पात मचाने की शिकायत सामने आती है, तो पुलिस प्रशासन और सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून का भय अपराधियों में होना चाहिए, न कि आम नागरिकों के मन में।
आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल सभी संदिग्धों की पहचान कर निष्पक्ष जांच की जाए, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या मोहल्ले के नागरिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और शहर में शांति एवं विश्वास का वातावरण बना रहे।
