शरद पूर्णिमा सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व, पंडित राजेश शर्मा ने दी शुभकामनाएं

धमतरी। सनातन धर्म की समृद्ध परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय संस्कृति की दिव्यता का प्रतीक शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति स्थायी आमंत्रित सदस्य एवं धर्मप्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा ने समस्त प्रदेशवासियों, धर्मप्रेमियों और धमतरी क्षेत्र के नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि शरद पूर्णिमा का पावन पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आए। पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन जीने की ऐसी महान पद्धति है, जो हमें सत्य, धर्म, करुणा, सेवा, त्याग और मानव कल्याण का मार्ग दिखाती है। सनातन संस्कृति में प्रत्येक पर्व का अपना आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व है। ये पर्व हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखते हुए नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कारों और आध्यात्मिक विरासत से जोडऩे का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा का पर्व विशेष धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्त्व रखता है। आश्विन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व चंद्रमा की पूर्ण कलाओं, शीतल चांदनी और प्रकृति की सुंदरता का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन मां लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण की महारास लीला की स्मृति भी इस पर्व को भक्ति और आध्यात्मिक आनंद से जोड़ती है। सनातन संस्कृति हमारी पहचान, हमारे संस्कार और हमारी गौरवशाली विरासत है। पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम का आदर्श जीवन हमें मर्यादा, कर्तव्य और जनसेवा की प्रेरणा देता है, वहीं भगवान श्रीकृष्ण का संदेश हमें धर्म के मार्ग पर चलने और अपने कर्तव्यों का पालन करने की शिक्षा देता है। हमारी संस्कृति में प्रकृति, जीव-जंतुओं, नदियों और समस्त सृष्टि के प्रति सम्मान का भाव निहित है। यही सनातन परंपरा की व्यापकता और मानव कल्याण की भावना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना तथा आने वाली पीढिय़ों को भारतीय परंपराओं, संस्कारों और महापुरुषों के आदर्शों से परिचित कराना हम सभी का दायित्व है। धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। पंडित राजेश शर्मा ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे सनातन धर्म के मूल्यों को अपने आचरण में अपनाएं, जरूरतमंदों की सहायता करें, परिवार और समाज में सद्भाव बनाए रखें तथा अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक संदेश मानवता की सेवा, सत्य के मार्ग पर चलना और सभी के कल्याण की भावना रखना है। अंत में उन्होंने मां लक्ष्मी एवं भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए कहा कि शरद पूर्णिमा का यह पावन पर्व सनातन संस्कृति के प्रति हमारी आस्था को और सुदृढ़ करे तथा समाज में धर्म, संस्कार, सद्भाव और राष्ट्रप्रेम की भावना को नई ऊर्जा प्रदान करे।

