जिला कांग्रेस कमेटी बालोद प्रभारी लेखराम साहू द्वारा ली गई मासिक बैठक
बिजली जनांदोलन एवं वोट बचाओ - देश बचाओ अभियान को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई

जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के प्रभारी लेखराम साहू द्वारा मासिक बैठक राजीव भवन बालोद मे लिया गया, जिसमें बिजली जनांदोलन एवं वोट बचाओ – देश बचाओ अभियान को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई.
स्वागत उद्बोधन देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बिजली दरों में वृद्धि को वापस लेने,400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुनः लागू करने एवं स्मार्ट मीटर हटाए जाने की मांग को लेकर घर घर जाकर आवेदन पत्र भरवाने के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महत्वाकांक्षी अभियान को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों से अतिशीघ्र पूर्ण करने का निवेदन किया,ताकि जिला बिजली दफ्तर का घेराव किया जा सके। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 15 नवंबर से शुरू हो रहे धान खरीदी के नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि किसान या नॉमिनी के फिंगरप्रिंट से सत्यापन कर धान खरीदी होगी,ओटीपी से नहीं।सभी टोकनों में मात्रा बराबर – बराबर निर्धारित होगी और यदि टोकन के मात्रा से किसान का धान कम हो गया तो शेष मात्रा स्वतः निरस्त हो जाएगी और अगले टोकन में नहीं जुड़ेगी।ये सरकार किसान विरोधी है, पिछले वर्ष जबरदस्ती रकबा समर्पण करवाया गया और अब अव्यावहारिक नीतियों से किसानों का कम धान खरीदने नए हथकंडे अपना रही है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत 2 नवंबर तक बूथ पुनर्गठन,12 नवंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन,11 दिसंबर तक दावा आपत्ति,28 दिसंबर तक इनका निराकरण और 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार वोट बचाओ – देश बचाओ अभियान के माध्यम से बालोद जिले के समस्त कांग्रेसजन उपस्थित होकर विरोध किये.कुंवर सिंह निषाद विधायक गुंडरदेही कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है।इसी वोट के माध्यम से जनता सरकार को चुनती,जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाती है और देश की दिशा तय करती है।यदि मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं अथवा नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किए जाने की आशंका उत्पन्न होती है,तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस पार्टी किसी भी परिस्थिति में जनता के इस बुनियादी अधिकार के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
पूर्व मंत्री एवं डौंडीलोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा कि एक दौर था जब भारतीय निर्वाचन आयोग की साख न केवल देश में, बल्कि पूरी दुनिया में स्थापित थी। दुनिया के कई देशों में जब चुनाव होते थे, तो भारतीय निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाता था।दुर्भाग्य से, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आने के बाद जिस प्रकार मिलीभगत से फैसले लिए गए, उसने आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी जी ने बहुत पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वोटों की चोरी हो रही है और एस आई आर गलत हो रहा है , लेकिन तब किसी ने ध्यान नहीं दिया। ज्ञानेश कुमार जी ने जिस भाषा और शैली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, वैसी उम्मीद देश के मुख्य चुनाव आयुक्त से कदापि नहीं की जा सकती। विपक्षी दलों को सम्मान देना उनकी ड्यूटी है, लेकिन उन्होंने किसी का सम्मान नहीं किया। यह तमाशा देश पिछले लगभग एक साल से देख रहा है। श्रीमती भेड़िया ने महतारी वंदन योजना में नए हितग्राहियों को शामिल नहीं करने और लाभार्थीयों की संख्या में कमी को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
संजारी – बालोद विधायक एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती संगीता सिन्हा ने कहा कि हाल ही में जब ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में यह खुलासा हुआ, तो पूरा देश स्तब्ध रह गया। आयोग के ही दो सदस्य यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने 14 बार आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और अंततः उन्हें कैबिनेट सचिव को पत्र लिखना पड़ा। हालांकि उन्हें राष्ट्रपति को पत्र लिखना चाहिए था। परंतु देश की शीर्ष निर्वाचन संस्था की यह नौबत आ जाना बेहद चिंताजनक है।आज पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और सभी राजनीतिक दल सड़कों पर हैं। पूरे देश में इस स्थिति को लेकर आक्रोश है। यदि निर्वाचन आयोग ही निष्पक्ष नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र कहाँ बचेगा? और यदि लोकतंत्र ही समाप्त हो जाएगा, तो क्या यहाँ तानाशाही पूर्ण शासन करना चाहते हैं ? उन्होंने हाल ही में बालोद में एक पुलिसकर्मी के बेटी पर हुए एसिड अटैक की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
लेख राम साहू पूर्व विधायक कुरूद एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली और जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के प्रभारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद पूरा देश ज्ञानेश कुमा से पूछ रहा है कि अब कोई शर्म बची हुई है आपकी ?इन्होंने आपसी बैठक करके और तीनों सदस्यों को साथ बिठाकर एक प्रेस नोट जारी करने तथा सफाई देने का प्रयास किया। उसमें यह दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनके फैसले को बरकरार रखा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने न तो कोई फैसला बरकरार रखा है और न ही इस पर कोई टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट के इस स्पष्टीकरण के बाद अब क्या बच जाता है? अब बच गया है उनका इस्तीफ़ा होना।
लेख राम साहू ने राज्योत्सव पर स्थानीय लोककलाकारों की उपेक्षा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में राज्योत्सव का मतलब होता था छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान।हमारे लोक कलाकार,हमारी पंडवानी,हमारा करमा- ददरिया,हमारे गायक गायिकाओं को सबसे बड़ा मंच मिलता था। लेकिन भाजपा सरकार में बॉलीवुड के बाहरी कलाकार बुलाये जा रहे हैं।यही है कांग्रेस और भाजपा में फर्क।एआईसीसी आब्जर्वर एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर देश भर में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान वोट बचाओ – देश बचाव के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने लोकतंत्र, संविधान और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है।यह आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है,बल्कि देश के लोकतांत्रिक भविष्य, निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था और जनता के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का व्यापक अभियान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की राजनीति का केंद्र सत्ता को बनाए रखना बन गया है।यदि तत्कालीन उपराष्ट्रपति जी का अचानक ‘स्वास्थ्य कारणों’ से इस्तीफा कराया जा सकता है जिसके पीछे का सच क्या था, यह तो वे ही जानते होंगे और लोगों को भी उस पर संदेह था तो ज्ञानेश कुमार जी का इस्तीफा स्वास्थ्य कारणों से क्यों नहीं कराया जा सकता? कम से कम एक चैप्टर क्लोज़ तो हो और पक्ष-विपक्ष अपनी भूमिका अदा करना शुरू तो करे। अगर 19 दिन तक संसद के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जी नहीं आए यह एक बड़ा इश्यू था। इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को हस्तक्षेप कर ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा करवाना चाहिए।हमारी चुनाव प्रणाली और लोकतंत्र पर बने इस संकट से दुनिया भर में भारत का क्या संदेश जा रहा है? जो देश कभी भारत से प्रेरणा लेते थे कि भारत ने दुनिया में लोकतंत्र के संदेश को फैलाया और मजबूत किया है, आज वही देख रहे हैं कि यहाँ चुनाव आयोग स्वयं एस आई आर के नाम पर 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम काट रहा है। पश्चिम बंगाल में जो स्थिति बनी है, वह अलग चिंता का विषय है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने,हटाने अथवा संशोधित करने की प्रक्रिया में संबंधित नागरिकों को उचित सूचना, सुनवाई का अवसर और शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था मिलनी चाहिए। विशेष रूप से गरीबों,मजदूरों,किसानों,महिलाओं,युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा वंचित वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी लगातार मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला रहे हैं। बिहार में मतदाता अधिकारों को लेकर चलाए गए जनजागरण अभियान सहित देश भर में उठाये जा रहे सवालों का जवाब तथ्यों,पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच के माध्यम से दिया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी का संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध राजनीतिक लड़ाई मात्र नहीं है,यह उस व्यवस्था को
बैठक का संचालन महामंत्री भोजराज साहू ने एवं आभार प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के पूर्व अध्यक्ष श्री कृष्णा दुबे ने किया।
बैठक में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगण रत्तीराम कोसमा, अंचल प्रकाश साहू,नरेंद्र सिन्हा, राजकुमार प्रभाकर,कचरू साहू,जीवन बंदे,संजीव चौधरी सहित भारी संख्या में जिला/ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, विभाग/ प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे.

