बिना एरियर डीआर की घोषणा से पेंशनरों में भारी आकोश
2 प्रतिशत डीआर आदेश की प्रतियां जलाकर जताया विरोध केन्द्र के समान 63 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित देने की मांग

धमतरी। छत्तीसगढ़ में 10 माह की लंबी प्रतीक्षा के बाद घोषित महंगाई राहत (डीआर) का भुगतान भी लंबित एरियर के बिना किए जाने से प्रदेश के पेंशनरों में भारी आकोश हैं केन्द्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई राहत का लाभ और बकाया एरियर नहीं मिलने से नाराज भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कम में 1 नंवबर 2026 को जिला मुख्यालय धमतरी में विध्यवासिनी देवी मंदिर के पास स्थित सिटी गार्डन में पेंशनरों ने चित विभाग द्वारा जारी डीआर आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराया और आदेश में संशोधन की मांग की।
पेंशनर्स महासंघ जिला धमतरी के अध्यक्ष दीपक कुमार पाठक ने कहा कि पेंशनरों के साथ हो रहे आर्थिक असमानता के व्यवहार के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह विरोध किया जा रहा है। उन्होनें बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 01 जनवरी 2026 से स्वीकृत 02 प्रतिशत महंगाई राहत वृद्धि का एरियर छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 10 माह बाद भी नहीं मिला है। इसके अलावा 01 जुलाई 2026 से स्वीकृत 03 प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि को मिलाकर केन्द्र के समान कुल 63 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित दिया जाना चाहिए। इसके विपरीत बिना एरियर भुगतान का निर्णय पेंशनरों के साथ अन्याय है। उन्होने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में जुलाई 2026 से महंगाई राहत का लाभ एरियर सहित दिया गया है।
धमतरी प्रवास के विरोध प्रदर्शन में शामिल महासंघ के प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी ने कहा कि संवेदनशील एंव ईमानदार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तक पेंशनरों की समस्याओं का सही पक्ष और समाधान पहुंचाने में उनके सलाहकार पिछले तीन वर्षो से अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाए है। वित विभाग की कार्यप्रणाली भी पेंशनरों के हितों में समयबध्द निर्णय लेने की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर डीआर आदेश में संधोधन करने तथा पेंशनरों को केन्द्र के समान 63 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित प्रदान करने की मांग की।
इस अवसर पर दैनिक वेतनभोगी पेंशनर्स कल्याण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जिला अध्यक्ष दीपक कुमार पाठक के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में राकेश जाधव, यशवंत पद्मवार, राजेन्द्र गुप्ता, के. आर. महाडिक, अनूप साहू, जे. के. जैन, पी.के.लाल, एल.एल. देवागंन, आर.एल. देव, एस. आर. डहरिया, एन.एस. निर्मलकर, एस.के. भट्टाचार्य, डी. एस. कुंजाम, ओ.पी. सिंह, एल.आर. दीवान, बी.के. साहू, एन.के. शर्मा, सियाराम सोनकर, के. आर. वाकड़े, सहित बडी संख्या में पेशंनर उपस्थित थे। सभी ने नारेबाजी करते हुए डीआर आदेश की प्रतियों की होनी जलाकर अपना आकोश व्यक्त किया।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे पूर्ववर्ती भूपेश सरकार की कार्यशैली का अनुसरण करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबध्दता, सुशासन और कर्मचारी- पेंशनर्स हितैषी निर्णय लेने की कार्यशैली से प्रेरणा लें। महासंघ ने कहा कि पेशनरों की जायज मांगों की निरंतर उपेक्षा से सरकार की सकारात्मक छति प्रभावित हो सकती है। सरकार को बिना विलंब डीआर आदेश में संशोधन कर 63 प्रतिशत महंगाई राहत की स्वीकृति तथा जनवरी 2026 से लंबित 02 प्रतिशत और जुलाई 2026 से देय 03 प्रतिशत वृध्दि का एरियर सहित भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।