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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026:जनसम्पर्क विभाग की छायाचित्र विकास प्रदर्शनी

जनकल्याणकारी योजनाओं से संवर रहा छत्तीसगढ़, विकास को मिल रही नई गति

किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और गरीब परिवारों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव; शिक्षा, ऊर्जा, आवास, पेयजल और अधोसंरचना विकास को मिल रहा बढ़ावा

धमतरी – छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में धमतरी में आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव में जिला जनसंपर्क, धमतरी द्वारा आकर्षक छायाचित्र विकास प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को छायाचित्रों एवं सूचनात्मक पैनलों के जरिए प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासी परिवारों और जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली योजनाओं को विशेष रूप से दर्शाया गया है।
इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग की मासिक पत्रिका छत्यीसगढ़ जनमन सहित अन्य प्रचार सामग्रियों का निशुल्क वितरण किया जा रहा है ।
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास पहलों की जानकारी दी गई है। इनमें कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक एवं बोनस जैसी योजनाएं शामिल हैं।
प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया है कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई है। वहीं, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से 4,95,965 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 24.54 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा एआई मिशन, नवाचार हब, निवेश छत्तीसगढ़, शक्तिपीठ परियोजना, श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना से संबंधित उपलब्धियों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है। आधुनिक तकनीक, औद्योगिक निवेश, धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण परिवहन के विस्तार से जुड़ी पहलों के माध्यम से प्रदेश की विकास की नई दिशा को रेखांकित किया गया है।
यह छायाचित्र विकास प्रदर्शनी राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास उपलब्धियों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के साथ ही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से लोगों को परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बन रही है। राज्योत्सव में आने वाले नागरिक प्रदर्शनी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

किसानों और भूमिहीन श्रमिकों को आर्थिक संबल

कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संचालित कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को अब तक 1.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतर्गत किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान बेचने का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से प्रदेश के 26 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं, जिनमें 32,500 आदिवासी किसान भी शामिल हैं। वहीं, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4,95,965 भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को 495 करोड़ 96 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अंतरित की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा 4,500 रुपये की दर से संग्रहण पारिश्रमिक तथा बोनस का लाभ लगभग 13 लाख संग्राहक परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है।

महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान

महिला सशक्तीकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना के तहत अब तक 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से 39.73 लाख महिलाएं स्वच्छ ईंधन की सुविधा से लाभान्वित हुई हैं। इससे महिलाओं को धुएं से राहत मिलने के साथ उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

हर परिवार को पक्का आवास और स्वच्छ पेयजल

आवासहीन परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत प्रदेश में 24.54 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत 4,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा घर-घर निर्मल जल अभियान के माध्यम से 41.50 लाख घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।

युवाओं के लिए तकनीक, नवाचार और रोजगार के अवसर

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। एआई मिशन के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही 1,000 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला एआई डेटा सेंटर स्थापित करने की पहल राज्य को तकनीकी नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के माध्यम से 8.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावनाएं बढ़ी हैं।

सौर ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप स्थापित कराने पर पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 12 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। इससे बिजली पर होने वाले खर्च में कमी के साथ स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार

प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शक्तिपीठ परियोजना के अंतर्गत राज्य के पांच शक्तिपीठों के विकास हेतु प्रावधान किया गया है। वहीं, श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 55 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के अंतर्गत 815 गांवों को बस सुविधा का लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा अंचल के 57 चयनित मार्गों पर बसों का संचालन क्षेत्रीय आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

समावेशी विकास की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

प्रदेश में संचालित ये योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बन रही हैं। कृषि, आवास, पेयजल, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, तकनीक, ऊर्जा, पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयास विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने पर ये उपलब्धियां प्रदेश की विकास यात्रा, जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित करती हैं।

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