रमसगरी गार्डन का हाल बदहाल, बेहतर मेंटनेस के अभाव में स्थिति हुई खराब
स्वच्छता का है बुरा हाल और पाथवे भी हो चुका है जर्जर

धमतरी। कुछ साल पहले रमसगरी तालाब के चारो ओर पाथवे बनाकर गार्डन को नया रुप दिया गया था। आकर्षक गार्डनिंग, स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया था। जिससे लोग बरबस ही गार्डन की ओर आकर्षित होते थे। लेकिन अब लोगो का मोह रमसगरी गार्डन से भंग होने लगा है। गार्डन की सुरंदरता को भी ग्रहण लग चुका है। स्वच्छता का बुरा हाल है और पाथवे भी जर्जर हो चुका है। पूर्व में पाथवे का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसकी मरम्मत आज तक नहीं की गयी। इससे लोगो को वाक करने में खतरा महसूस होने लगा है। सूत्रों की माने तो पहले गार्डन में चौकीदार तैनात था, जिसे भी अब हटा लिया गया है। ऐसे में गार्डन की देखरेख ठीक से नहीं हो पाती। इसलिये अब लोगो की आवाजाही गार्डन में कम होने लगा है। यदि जल्द ही गार्डन की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो करोड़ो की लागत से बने गार्डन का कोई औचित्य नहीं रह जायेगा।
लाईटिंग की कमी
गार्डन में लोग अलसुबह वाक करने पहुंचते है, वहीं कई लोग शाम व रात तक गार्डन आते है। लेकिन प्रकाश की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण लोगो की संख्या दिनों दिन घटती ही जा रही है। वहीं स्वच्छता का हाल बेहाल है। एक ओर निगम शहर भर में लगातार स्वच्छता अभियान चलाती है. वहीं दूसरी ओर निगम के गार्डन में ही स्वच्छता नहीं है।
असामाजिक तत्वों का जमघट
रमसगरी गार्डन के बाहर कुछ युवक ग्रुप बनाकर समय बीताते बैठे रहते है। इनमें से कुछ असमाजिक प्रवृत्ति के होते है जो अश्लील भाषा का प्रयोग करते रहते है। जिससे गार्डन पहुंचने वाली महिलाओं व युवतियों को शर्मदिंगी उठानी पड़ती है। वहीं कुछ युवक गांजा का सेवन भी गार्डन के आसपास करते रहते है। कई बार छीटाकंसी करने से भी बाज नहीं आते। गार्डन में जुआ खेलने की शिकायत भी आसपास के लोग करते है। गार्डन से कुछ ही दूरी पर कोतवाली थाना है। इसके बाद भी ऐसी स्थिति रहती है।