अराजकता हटाओ, आखिर किसके खिलाफ – तारिणी चंद्राकर

धमतरी। जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी के अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओÓ अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा आखिर किससे लोकतंत्र को बचाने और किसकी अराजकता हटाने की बात कर रही है? देश में केंद्र की सत्ता भाजपा के पास है और कई राज्यों में भी भाजपा की सरकार है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि लोकतंत्र को खतरा किससे है और अराजकता फैलाने वाला कौन है? तारिणी चंद्राकर ने कहा कि भाजपा के पास आज जनता के बीच जाकर बताने के लिए विकास, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, युवाओं के रोजगार और आम आदमी की समस्याओं पर ठोस जवाब देने के बजाय राजनीतिक नारों और आरोप-प्रत्यारोप का सहारा लेने की स्थिति बन गई है। जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नए-नए अभियान चलाए जा रहे हैं। भाजपा को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र केवल रैली निकालने, नारे लगाने और सत्ता में बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ जनता की आवाज सुनना विपक्ष को सम्मान देना, सवालों का जवाब देना और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। राहुल गांधी जी का स्पष्ट कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा केवल सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जनता की आवाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अंत में तारिणी चंद्राकर ने कहा कि लोकतंत्र किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों का अधिकार है। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछने वाला देशद्रोही या अराजकतावादी नहीं होता, बल्कि सवाल पूछना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। भाजपा नारे लगाने से पहले यह बताए कि लोकतंत्र को बचाने की जरूरत क्यों महसूस हुई और जनता के सवालों का जवाब कौन देगा? देश की जनता केवल नारे नहीं, जवाबदेही पारदर्शिता और अपने अधिकारों की सुरक्षा चाहती है।
