एनएसयूआई के कड़े विरोध के बाद झुका कॉलेज प्रशासन, शासकीय युवा संवाद कार्यक्रम स्थगित
शासकीय कार्यक्रम को भाजयुमो के राजनीतिक मंच में बदलने का आरोप, एनएसयूआई ने किया पुरजोर विरोध

धमतरी। शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में 5 नवंबर को प्रस्तावित “युवा संवाद” कार्यक्रम को एनएसयूआई के कड़े विरोध के बाद स्थगित कर दिया गया। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय का शासकीय कार्यक्रम होने के बावजूद इसे भाजयुमो के राजनीतिक कार्यक्रम का रूप देने की कोशिश की जा रही थी, जिसका संगठन ने पुरजोर विरोध किया।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय पहुंचकर कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति की जानकारी ली। इस दौरान स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम महाविद्यालय का शासकीय आयोजन था, लेकिन एनएसयूआई के अनुसार आयोजन की रूपरेखा और उसमें राजनीतिक दल के प्रभाव को लेकर गंभीर आपत्तियां थीं। संगठन ने सवाल उठाया कि शासकीय महाविद्यालय के मंच का उपयोग किसी राजनीतिक दल के प्रचार अथवा राजनीतिक गतिविधियों के लिए क्यों किया जा रहा है।
मामले को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और महाविद्यालय प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई। संगठन का आरोप है कि महाविद्यालय के जनभागीदारी अध्यक्ष अजय फत्तेलाल ध्रुव कार्यक्रम आयोजित कराने पर अड़े हुए थे, जबकि प्राचार्य द्वारा कार्यक्रम स्थगित किए जाने की बात सामने आ चुकी थी।
विरोध के दौरान बड़ी संख्या में एनएसयूआई और भाजपा कार्यकर्ता महाविद्यालय परिसर में मौजूद रहे। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के चलते तनाव की स्थिति निर्मित हुई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन भी मौके पर पहुंचे। संगठन के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर लगभग 2 से 3 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। अंततः महाविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया। प्राचार्य ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न होने देने का आश्वासन भी दिया।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण का केंद्र है, न कि किसी राजनीतिक दल का प्रचार मंच। शासकीय संस्थानों की गरिमा, निष्पक्षता और विद्यार्थियों के हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। एनएसयूआई आगे भी शिक्षा के मंदिर को राजनीतिकरण से बचाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
एनएसयूआई के अरविन्द यादव एवं राकेश नेताम ने इस पूरे मामले में स्थानीय सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम की उपेक्षा किए जाने पर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि शासकीय महाविद्यालय के कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की गरिमापूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल को संस्थान के मंच पर अनुचित प्रभाव स्थापित करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए।इस दौरान एनएसयूआई के विधानसभा अध्यक्ष एन एस यु आई अरविन्द यादव
शहर अध्यक्ष एन एस यू आई नगरी राकेश नेताम जिला उपाध्यक्ष एन एस यू आई भावेश चन्दनिया विधानसभा महासचिव एन एस यू आई लाकेशवर साहू सुखराम नागे अध्यक्ष एन एस यू आई लक्ष्य तिवारी भोजराज नवरंग गुंजन मरकाम बीरेंद्र साहू तेजू नेताम अमन टंडन रोजल लहरे कुलेश्वर भारती प्रीतम कश्यप भोजराज साहू दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे.


