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छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने बैठक कर किया जिले के तीनों विधानसभाओं का चुनावी आंकलन

छत्तीसगढ़ियो की पीड़ा और आवाज के लिए सत्ता की मशाल थामने का समय आ गया है-निखिलेश देवान साहू

धमतरी. लगातार छत्तीसगढ़ियावाद के लिए संघर्षरत संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना इस बार चुनावी मैदान में राजनैतिक तौर पर दमदारी के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना व्दारा प्रदेश के 90 सीटों में चुनाव लड़ने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के पंद्रह जिलों के पचास से अधिक विधानसभाओं के मूल्यांकन और खंड़-गुड़ी-पार की अवधारणा के साथ बूथ लेवल तक की सुनिश्चितता के लिए मूल संगठन के राजनैतिक विंग द्वारा चयनित और प्रशिक्षित तीस जिला प्रभारी एवं उप प्रभारी अपने निर्देशित जिलों में दौरा कर रहे है। इसी के तहत छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के धमतरी जिला प्रभारी जागेश्वर वर्मा और पप्पू मेश्राम पहुंचे। देवागंन धर्मशाला में आयोजित बैठक में बूथ स्तर पर संगठन का विस्तार और विधानसभाओं में अपनी मजबूती का आंकलन किया। जिला प्रभारी जागेश्वर वर्मा का कहना है कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हक अधिकार की जमीनी लड़ाई लड़ते हुए हमलोग लगातार जेल जाते रहे, प्रताड़ना सहते रहे और प्रदेश में छत्तीसगढ़ियावाद को केंद्रीय मुद्दा बनाने में सफल रहे,लेकिन वास्तविकता में दोनों राष्ट्रीय दल के नेता वोट बटोरने के लिये ही छत्तीसगढ़ियावाद का मुखौटा लगाकर घूम रहे है। प्रभारी पप्पू मेश्राम ने कहा कि दोनों पार्टी के सरंक्षण में हर क्षेत्र में गैर छत्तीसगढ़िया बाहरी लोगों को हमारी धरती में हमारे सिर के उपर स्थापित करने की ठेकेदारी ही कर रहे है। ऐसे में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना अपने बड़े बुजुर्गों के आदेश और हताश-निराश छत्तीसगढ़िया युवाओं के आह्वान पर इस प्रदेश के नीति-निर्धारण को अपने मजबूत छत्तीसगढ़िया कंधो में थामने के लिए छाती ठोंक कर निकल चुकी है। जिलाध्यक्ष निखलेश देवान साहू ने कहा कि हम कभी नहीं चाहते थे कि राजनीति में आएं,लेकिन छत्तीसगढ़ियों का शोषण वक्त-दर-वक्त बर्दाश्त से बाहर होने लगा है,हमारे जैसे मूल निवासी समर्थक संगठन के उपर हो रहा प्रशासनिक उत्पीड़न चरम पर जाने लगा है। छत्तीसगढ़िया लोगों की करुण पीड़ा की आवाज पहुंचाने के लिये खुद वहां तक पहुंच कर सत्ता की मशाल खुद के हाथों में थामने का समय आ गया है।बैठक में पंकज साहू,देवानंद साहू,रवि सोनवानी,शिव मंडावी,प्रेमुराम सिन्हा,चित्ररेखा देवदास,रीना सोनवानी,डिगेश्वरी साहू,सीता बंजारे,इन्द्राणी तिवारी,सतन बाई,मीना साहू,कुसुम सोनवानी,योगेश कुमार सिन्हा,अजुन मंडावी,गजेन्द्र कुमार,देवा डहरिया,जयप्रकाश सिन्हा,मिलाप सिन्हा,चिम्मन लाल साहू,बंसत कुमार साहू,रामेश्वर मरकाम,हेमंद छैदेहा,अरूण श्रीवास आदि प्रमुख रूप् से उपस्थित रहे।

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