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सोनोग्राफी के सीमित समय से मरीजों को हो रही परेशानी

अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में मंहगी फीस चुका कर जांच कराने हो रहे मजबूर

धमतरी। जिला अस्पताल में समय के साथ सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। लेकिन बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण सुविधाओं का भरपूर लाभ मरीजों को नही मिल पा रहा है। इसलिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में काफी मांग के पश्चात आखिरकार सोनोग्राफी मशीन की सौगात मिल पाई। इससे विभिन्न प्रकार के जांच जैसे गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत, पेट संबधित बीमारियों का पता लगाने में मदद् मिलती है। बता दे कि जिला अस्पताल में बाहर निजी अस्पतालोंा की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत शुल्क लेकर सोनोग्राफी कराया जाता है। जिससे गरीब तबके के मरीजों को काफी राहत मिलती है। लेकिन उक्त राहत के बदले असुविधा और इंतजार की झेलना पड़ता है। मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में सुबह 9 से दोपहर 1.30 बजे तक ही सोनोग्राफी जांच हो पाती है। ऐसे में एमरजेंसी में आवश्यकता पडऩे पर सोनोग्राफी की सुविधा अस्पताल में नही मिल पाती है। वही सीमित समय तक जांच होने के कारण मरीजों की वेटिंग ज्यादा हो जाती है। जिससे कई बार उन्हें काफी इंतजार भी करना पड़ता है। इन्ही परेशानियों से मरीजों के साथ मितानिने भी जूझ रही है। मितानिन वार्ड के मरीजों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचते है लेकिन सीमित समय और भीड़ के कारण कई बार पूरा दिन जांच नहीं हो पाता।
500 के पार है रोजाना की ओपीडी
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पताल में सोनोग्राफी सिटी स्कैन की सुविधा भी अब मरीजों को मिल रही है। डायलिसिस व कैंसर मरीजों को सलाह व उपचार दिया जा रहा है। साथ ही सामान्य ओपीडी सेवायें मिलती है अस्पताल में न सिर्फ धमतरी जिले के बल्कि बस्तर क्षेत्र, बालोद व दुर्ग के सरहदी गांव के मरीज भी बेहतर उपचार हेतु पहुंचते इससे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या औसतन 500 से अधिक रोजाना की होती है। इसलिए सोनोग्राफी का टायमिंग बढाना आवश्यक हो गया है।

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