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जीत के लिए ग्रामीण के साथ ही शहरी क्षेत्र में भी बढ़त है आवश्यक

गत चुनाव में भाजपा को 23 वार्डो, कांग्रेस को 16 व निर्दलीय को मिली थी एक वार्ड में बढ़त

पिछले चुनाव में ग्रामीण में 2095 मतों से मिली बढ़त लेकिन शहर में कांग्रेस 2559 मतो से पिछड़ी यही बना था हार का कारण

धमतरी। विधानसभा चुनाव के तहत अब चुनाव प्रचार में नामांकन दाखिल करने के पश्चात तेजी आ रही है। साथ ही चुनावी समीकरण पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही गत चुनाव में कमजोर व मजबूत पक्ष पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिसके तहत रणनीति बनाकर प्रचार को गति दी जा रही है। 2018 के विधानसभा चुनाव में शहर के 40 वार्डो में से 23 वार्डो में भाजपा को बढ़त मिली थी। जबकि 16 वार्डो में कांग्रेस ने बढ़त बनाई थी। वहीं एक वार्ड मराठा पारा में निर्दलीय प्रत्याशी आनंद पवार ने भाजपा कांग्रेस से ज्यादा वोट पाया था। पिछले विधानसभा चुनाव में धमतरी ग्रामीण से कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करते हुए 2095 मतों की बढ़त बनाई थी। लेकिन शहरी क्षेत्र में 2559 मतो से भाजपा ने बढ़त बनाई। यही भाजपा के जीत का कारण बना। और 464 मतों से विजयी रही। ऐसे में भाजपा को जहां ग्रामीण क्षेत्रो में बढ़त बनाने पर जोर देना होगा वहीं कांग्रेस को शहरी क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। विशेष कर पार्टियों को उन वार्डो में फोकस करना होगा जहां पिछले चुनाव में वे पिछड़े थे। यह दोनो पार्टियों के बीच अंतर काफी रहा था। बता दे कि अभी तक प्रचार प्रचार में ग्रामीण क्षेत्रो को ज्यादा तत्वजो दिया जा रहा है। जैसे जैसे चुनाव नजदीक आता जाएगा शहरी क्षेत्रो में भी युद्ध स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा।
इन वार्डो में मिली थी भाजपा कांग्रेस को बढ़त


पिछले चुनाव में भाजपा को कोष्टापारा, रामसागरपारा, नया पारा बठेना, गोकुलपुर, विंध्यावासिनी वार्ड, जालमपुर, मोटर स्टैण्ड वार्ड, लालबगीचा, मंहत घासीदास वार्ड, आमापारा, कमेश्वर वार्ड, औद्योगिक वार्ड आदि शामिल है। जबकि कांग्रेस को दानीटोला, रिसाईपारा पूर्व, पश्चिम, नवागांव, डाकबंगला, स्टेशनपारा, टिकरापारा, हटकेशर, सदर उत्तर, सुन्दरगंज वार्ड, जोधापुर आदि वार्ड में बढ़त मिली थी।

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