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पीजी कॉलेज में याद किये गए वीर साहेबजादे, पं. राजेश बने मुख्य अतिथि

कहा मोदी जी ने पहल की है इसे आगे बढ़ाना हम सब का प्रथम और परम धर्म

धमतरी आज तक भारत मे जो भारत का इतिहास पढ़ाया गया उसमें देश और धर्म की रक्षा के लिए बलिदान देने वालो की वीरता और गौरव की सत्य कथाओं का लंबा सिलसिला है फिर भी कई सर्वोच्च बलिदानों को भुला दिया गया, इन्हें पाठ्यक्रमो में जगह नही मिल सकी थी ,लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साल पहले इतिहास को समृद्ध करने की ऐतिहासिक पहल की थी।
देश मे बाल दिवस के अलावा वीर बाद दिवस मनाया गया और इस साल भी ये परंपरा आगे बढ़ी है।
गुरु गोविंद सिंह जी के दो सपूत जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने आने प्राणों का बलिदान दिया मुगल आक्रांताओं से लड़ते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। उन्ही साहिबजादों की याद के ये दिवस मनाया जाता है।धमतरी के पीजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रदर्शनि लगाई गई साथ मे मुगल शासन का काला इतिहास और सिक्ख योद्धाओं की वीरता के असीमित योगदान में साहिबजादों के अध्याय पर गोष्ठी की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता समाजसेवी पँ राजेश शर्मा रहे।पँ राजेश ने कहा कि, वीर साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान की कहानी को 60 साल तक भारत वासियों से दूर रखा गया, जबकि ऐसे बलिदानों की कहानी पहले दिन से सबको बताना था, मोदी जी ने इसकी अब पहल कर दी है, और इसे आगे बढ़ाना हम सब का परम और प्रथम धर्म होना चाहिए।

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