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कांग्रेसियों को लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान हजम नहीं हो रहा, अब वे प्रलाप करके राजनीतिक कुंठा का प्रदर्शन कर रहे : प्रकाश बैस

भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस ने सवाल दागा : सम्मान निधि को फिजूलखर्ची बताकर प्रलाप करने वाले कांग्रेसी बताएँ, भूपेश सरकार मितव्ययिता का कौन-सा आदर्श पेश कर रही थी?

धमतरी । भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार द्वारा मीसाबंदियों की सम्मान निधि फिर से शुरु करने की घोषणा को फिजूलखर्ची बताए जाने पर कांग्रेस पर पलटवार किया है। श्री बैस ने कहा कि कांग्रेसियों को लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे सेनानियों का सम्मान हजम नहीं हो रहा है इसीलिए अब वे अनर्गल प्रलाप करके लोकतंत्र के सेनानियों का अपमान करके अपनी राजनीतिक कुंठा का प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि रातों-रात लोकतंत्र की हत्या करके कांग्रेस ने देश पर आपातकाल थोपा और पूरे देश को जेल में तब्दील कर दिया था। अपने इस धत्कर्म पर शर्म महसूस करने के बजाय कांग्रेस मिथ्या प्रलाप कर रही है। आपातकाल के दौरान देशभर के लाखों परिवारों ने लोकतंत्र की रक्षा के उस महायज्ञ में सहभागिता निभाई थी। इसमें भाग लेने वाले छत्तीसगढ़ के हजारों लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हुए डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल में भाजपा की पूर्ववर्ती प्रदेश सरकार ने मीसीबंदियों के लिए सम्मान निधि की घोषणा की थी, लेकिन बदलापुर की राजनीति करते हुए कांग्रेस की पिछली सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उसे बंद कर दिया था। श्री बैस ने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस फैसले के खिलाफ लोकतंत्र सेनानियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और हाई कोर्ट ने लोकतंत्र सेनानियों के पक्ष में फैसला दिया था। लेकिन बघेल सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश तक को ताक पर रख दिया। न्यायालय की अवमानना करने पर कांग्रेसियों को जरा भी रंज नहीं है उल्टे प्रदेश की भाजपा सरकार इस सम्मान निधि को पुन: शुरू कर रही है तो उनके पेट में मरोड़ हो रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार की इस घोषणा को कांग्रेसियों द्वारा फिजूलखर्ची बताए जाने को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि कांग्रेसियों को सरकारी खजाने में डाका डालकर अपनी तिजोरियाँ भरते समय फिजूलखर्ची का अपराध-बोध नहीं हुआ, पर भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार जब किसानों, मातृशक्ति, लोकतंत्र के सेनानियों, गरीबों के सम्मान के लिए राशि प्रदान कर रही है तो वे इसे फिजूलखर्ची बताकर अपमान कर रहे हैं। आज सम्मान निधि को फिजूलखर्ची बताकर प्रलाप करने वाले कांग्रेसी बताएँ कि राजीव मितान क्लब समेत गौठान समितियों को सरकारी खजाने से पैसा लुटाकर भूपेश सरकार मितव्ययिता का कौन-सा आदर्श नमूना पेश कर रही थी? तब कांग्रेसियों को फिजूलखर्ची का दर्द क्यों नहीं हो रहा था? श्री बैस ने कहा कि लोकतंत्र के सेनानियों की सम्मान निधि पुन: प्रारंभ करके प्रदेश की भाजपा सरकार ने न केवल लोकतंत्र के सेनानियों का सम्मान लौटाने का काम किया है, अपितु हाई कोर्ट के इस संबंध में दिए गए निर्णय का सम्मान करके न्यायालयीन गरिमा को पुनस्र्थापित करने का भी स्तुत्य कार्य किया है।

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