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फलों का राजा आम इस बार हो जाएगा खास

मौसम की मार से आम की फसल हुई प्रभावित झड़े बौर, गिरे फल

तेज हवा, आंधी, मूसलाधार वर्षा, ओले, कभी आसमान में बादल तो कभी तेज धूप से फसल रह गई आधी
धमतरी । फलों का राजा आम इस साल खास हो सकता है। ऐसी स्थिति हो सकती है कि आम के दाम सामान्य से दो गुने भी हो सकते है। इसका मुख्य कारण आम की फसल मौसम के कारण खराब होना है। बता दे कि आम को फसलों का राजा कहा जाता है। सभी वर्ग के लोग आम के शौकीन है। धमतरी में आम फल की भारी डिमांड होती है। हाथों हाथ फल बिक जाते है। यदि आम की फसल अच्छी हो तो आम सस्ते होते है। और यदि फसल कम हो तो दाम ज्यादा हो जाते है। इस साल आम की फसल व उत्पादन पर खराब मौसम ने विपरीत प्रभाव डाला है। बता दे कि इस साल कई मौके ऐसे आये है जब मौसम ने अचानक करवट ली है। तापमान में कई डिग्री का अंतर हुआ है। कभी आसमान में बादल रहे तो कभी तेज धूप निकली। सुबह रात के तापमान में काफी ज्यादा अंतर रहा इसके अतिरिक्त कभी तेज हवायें आंधी चली तो कभी मूसलाधार बारिश हुई। कभी ओले गिरे इस सब कारणों से शुरुवात में तो आम के बौर झड़े फिर फल लगे तो फल के छोटे दाने भी गिर गये इससे फसल आधी रहने की आंशका है। लेट वैरायटी वाले पेड़ो में तो बौर भी लेट तक रहते है। जो पिछले दिनों चले आंधी तुफान और बारिश ओले से झड़ गए। कुल मिलाकर कहा जाये तो आम की फसल उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुई है।


ज्ञात हो कि धमतरी में लगभग 15 हजार टन, आम का उत्पादन होता है। इसमें बेन्द्रानवागांव, भाठागांव, सेमरा, रांकाडीह में स्थित सरकारी आम की नर्सरी, निजी आम के बगीचे जो कि अमेठी, देमार, चनागांव, मरादेव, दरगहन, छिंदभर्री, खिड़कीटोला, आदि स्थानों पर है से होता है। साथ ही खेतो छोटे बगीचों, घरों आदि में भी आम से हजारों पेड़ है। जिनसे भी आम का उत्पादन होता है। इसके अतिरिक्त धमतरी में अन्य प्रदेशो से भी आम की आवक होती है। ज्यादातर लोकल आम की आवक थोड़ी देर से होती है। सामान्यत: अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में लोकल आम बाजार में पहुंचते थे लेकिन इस बार मई में लोकल आम बाजार में पहुंच सकते है। फिलहाल शहर के फल दुकानों में आम के फल उपलब्ध है। लेकिन यह आम अन्य प्रदेशो से मंगाये गये है जो कि ज्यादा रायपुर, फ्रुट मार्केट के माध्यम से होते हुए धमतरी पहुंच रहे है।

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