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चातुर्मास साधना पर है जानकी वल्लभ तीर्थ गिरी स्वामी

धमतरी। चातुर्मास्य संस्कृत चातुर्मास्य शाब्दिक अर्थ चातुर्मास्य जिसे चातुर्मास भी कहा जाता है हिंदू धर्म में चार महीनों का एक पवित्र अवधि है जो शयनी एकादशी जून जुलाई से शुरू होता है और प्रबोधिनी एकादशी अक्टूबर नवम्बर पर समाप्त होता है इस पवित्र माह में जानकी वल्लभतीर्थ गिरी स्वामी जी जनकल्याण सर्व हित के लिए तप तपस्या आराधना साधना में लीन है 2023 में भी स्वामी जी चातुर्मास पर थे वर्तमान में वे अपने सिद्धार्थ आश्रम अमरकंटक में साधना में है.

बताया जाता है की इस माह में भगवान विष्णु गहरी निद्रा में होते है उसे चातुर्मास कहते है इस दिन से सृष्टि को चलाने का सारा काम भगवान विष्णु के कंधो से हटकर भगवान शिव महादेव जी कार्यभार सम्हाल लेते है इस पवित्र माह में भगवान विष्णु के झीर सागर में शयन करने के इस पवित्र काल में व्रत रखे पवित्र नदियों में स्नान करे और रामायण जैसे धर्म ग्रंथों का पाठ करे।

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