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धसने लगा मेघा महानदी पुल, सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों के आवागमन पर लगाई गई रोक

मूलचंद सिन्हा
कुरुद। मगरलोड से मोहंदी, पांडुका को जोडऩे वाला मेघा महानदी पुल धसने लगा है। सेतु में दरार की जानकारी होने पर 21 सितंबर रात्रि 9 बजे से आवागमन बंद कर दिया गया है। दूसरे दिन 22 सितंबर को सेतु निगम के अधिकारियों एवं एडीबी कंपनी के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त सेतु का निरीक्षण किया अधिकारियों ने बताया कि मेघा महानदी में बने सेतु में दरार हो चुकी है, पुल के नीचे फाउंडेशन वॉल तथा क्रांकिट स्टेप टूट कर बिखर गया है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात में बाढ़ जाने के बाद पुल के नीचे का रेत का हिस्सा बह गया था जिसके चलते पुल के नीचे फाउंडेशन वाल और प्लेट के नीचे, पुल के ऊपर भाग और नीचे भाग का हिस्सा एक फीट का सुरंग जैसे दिखने लग गया था। इसके कारण हादसे की आशंका को देखते हुए पुल के ऊपर से आवाजाही रोका गया है। सेतु निगम के अधिकारी कर्मचारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ के अनुसार पुल के ऊपर व नीचे से अवैध रेत खनन से फाउंडेशन प्लेट के नीचे पानी का बहाव होने से रेत का कटाव हो गया जिसके कारण प्लेट टूट कर बिखर गया है। पुल के ऊपर से किसी भी वाहन को आने-जाने नहीं दिया जा रहा है सिर्फ पैदल यात्रियों को आवागमन की छूट दी गई है। रविवार को दोपहर तक दोपहिया वाहनों को आवागमन करने दिया जा रहा था लेकिन सेतु निगम के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद दोपहिया वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगा दी गई है। मगरलोड विकासखंड के ग्रामीणों को कुरूद, धमतरी, रायपुर सहित अन्य शहरों में आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। क्षेत्र के हजारों किसानों को कुरूद मंडी में धान बिक्री करने आने जाने में परेशानी हो रही है। मेघा, मगरलोड, मोहंदी, सिंगपुर, पांडुका के किसान एवं व्यापारी को सामान खरीदी के लिए परिवहन की समस्या आ गई है। पीडब्लूडी विभाग सेतु केपी डब्लूडी ब्रिज कॉर्पोरेशन एक्सक्यूटिव इंजीनियर विवेक शुक्ला और एसडीओ आरआर यादव ने निरीक्षण पश्चात् बताया कि पुल धसने का मुख्य कारण इस ब्रिज के नीचे और आस पास रेत का अवैध खनन और ओवरलोड गाडिय़ों का बेतरबीत परिवहन है, जिसके कारण बेस कमजोर होकर धस गया है। साथ ही तीन तीन पिल्लर भी जमीदोज हो गए हैं।

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