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धर्म प्राप्ति के लिए अधिष्ठायक देवों को याद कर श्री पाश्र्वनाथ जिनालय में किया गया पाश्र्व भैरव महापूजन

नेमीचंद अमरचंद चोपड़ा परिवार रहे पूजा के लाभार्थी

धमतरी। प्रात: 08.30 बजे श्री पाश्र्वनाथ जिनालय में श्री नाकोड़ा भैरव महापूजन रखा गया था। पूजा के विधिकारक के रूप में अमित मेहता आकोदिया से पधारे हुए है। पूजा के लाभार्थी नेमीचंद अमरचंद चोपड़ा परिवार रहे। युवासंत परम पूज्य विशुद्ध सागर जी म.सा. ने बताया कि नाकोड़ा भैरव जी जैन दर्शन के 23वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ परमात्मा के प्रसिद्ध तीर्थ श्री नाकोड़ा जी तीर्थ मेवानगर राजस्थान के अधिष्ठायक देव है। जो जन जन की आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहां आकर परमात्मा पाश्र्वनाथ एवं नाकोड़ा भैरव जी का दर्शन पूजन करते है।

परमात्मा पाश्र्वनाथ भगवान के 108 नाम तथा 108 तीर्थ है। इस धमतरी शहर में भी श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान मूलनायक परमात्मा के रूप में श्री पाश्र्वनाथ जिनालय में विराजमान है। यह जिनालय 100 वर्ष से अधिक प्राचीन है। अर्थात यह जिनालय भी तीर्थ स्वरूप बन गया है। ऐसे पाश्र्वनाथ परमात्मा पुरुषादानी कभी कहलाते है। क्योंकि परमात्मा ने 500 से अधिक कल्याणकों में भाग लिया था। आप 240 तीर्थंकरों में सबसे अधिक पुण्यशाली भी कहा गया हैं। विधिकारक अमित मेहता ने बताया कि जैन दर्शन के अनुसार संघ के कल्याण के लिए, कष्ट निवारण, व्यापार वृद्धि, सुख शांति के लिए भैरव जी की विशेष महिमा है। तीर्थों के रक्षार्थ और आचार्य भगवंत की साधना में ये विशेष सहायक होते है।

इसीलिए समय समय पर विशेष जागृति के लिए धर्म प्राप्ति के लिए अधिष्ठायक देवों को याद किया जाता है। इसी क्रम में आज इस धर्म की नगरी धमतरी शहर के श्री पाश्र्वनाथ जिनालय में पाश्र्व भैरव महापूजन का आयोजन किया गया है। पूजा में विजय गोलछा, कुंकरण गोलछा, पारसमल गोलछा, नेमीचंद चोपड़ा, नवरतनमल गोलछा, निर्मल चोपड़ा, महेंद्र गोलछा, कुशल चोपड़ा, प्रतीक बैद, सुरेश बच्छावत, लक्की संकलेचा, श्रीमती निर्मला चोपड़ा, श्रीमती राजकुमारी पारख, श्रीमती सुशीला बैद, श्रीमती सायरबाई गोलछा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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