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दशहरा पर्व असत्य पर सत्य, बुराई पर अच्छाई व पाप पर पुण्य की विजय की प्रतीक है – नन्दलाल जसवानी

शांति लोक कला मंच एवं कालिका मंदिर समिति द्वारा दशहरा पर किया गया रावण का पुतला दहन

धमतरी। शांति लोक कला मंच एवं कालिका मंदिर समिति द्वारा दशहरा पर्व पर संगीत मय रामलीला का आयोजन किया गया कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पहुंचे समाजसेवी नन्दलाल जसवानी ने कहा असत्य पर सत्य की जीत, बुराई पर अच्छाई, पाप पर पुण्य की विजय, अत्याचार पर सदाचार की विजय, क्रोध पर दया, क्षमा की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय यह संदेश विजय दशमी, दशहरा पर्व में हमें मिलता है। अध्यक्षता कर रहे समाज सेवी,व संरक्षक प्रभुराम पटेल ने कहा प्रभु श्री राम ने रावण का वध करते समय रावण के अहंकार का भी मर्दन किया था इसी प्रकार हमें भी हमारे अंदर छुपे हुए अहंकार रूपी रावण का मर्दन कर प्रभु श्रीराम जी के आदर्शो को आत्मसात करना चाहिये ।

शांति लोक कला मंच के अध्यक्ष दिलीप पटेल,व सचिव अधिवक्ता गजानंद मीनपाल ने बताया की नवरात्र व दशहरा पर्व को समिति के द्वारा सदैव हर्षोल्लाष के साथ मनाया जाता है 1996 से हमारी समिति का उदय हुवा और तब से अनवरत यह रामलीला हर वर्ष किया जाता रहा है नवरात्र में माता सेवा के कार्य में लगे रहते है। इस वर्ष 43 ज्योति भक्तों के द्वारा प्रज्ज्वलित किया गया रामलीला हमारी शुरुवात रही है लेकिन आज इस लम्बे अंतराल में हमारी समिति के द्वारा छत्तीसगढ़ लोक कला, जसगीत, जगराता, फागगीत, कवि सम्मलेन, व अन्य कई प्रकार के धार्मिक सामाजिक आयोजन किया जाता रहा है। कालिका मंदिर समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। अंत में रावण का पुतला दहन किया गया।

आतिशबाजी हुई। कार्यक्रम में रामा पटेल, राम पटेल, सावित्री पटेल, बासन पटेल, देव फुटान, शैलेन्द्र नाग, गजेंद्र पटेल, मंचासीन रहे उपरोक्त कार्यक्रम की तैयारी व संचालन में शांति लोककला मंच के पदाधिकारीगण व कालिका मंदिर समिति के संरक्षक महावीर गोयल, अध्यक्ष भुनेश चक्रधारी, सहसचिव मुकेश पटेल, कार्यकत्र्ता प्रहलाद पटेल, विजय शर्मा, छोटू ढीमर, सुनील लहरे, अजय नेताम, नरेंद्र नागवंशी, विकास नाग, प्रकाश नाग आदि जुटे रहे। उपरोक्त जानकारी शांति लोक कला मंच के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने दी है।

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