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धर्म,उत्सव,कला और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का दुर्लभ संगम है मड़ाई-पँ राजेश

धमतरी के गंगरेल की मड़ाई प्रसिद्ध है, सालाना दीपावली पर्व के बाद अंगारमोती माता के मंदिर में मड़ाई की परंपरा है, धमतरी और दूसरे जिलों से हज़ारों की संख्या में लोग यहाँ आते है।इस साल की मड़ाई में बालोद जिले की प्रसिद्ध लोक कलाकारों की टीम भाव लोक नृत्य परिवार ने पुरवैया कार्यक्रम ने प्रस्तुति दी, छत्तीसगढ़ी लोक कलाओं गीतों और प्रहसनों से मुग्ध लोग पूरी रात जाग गए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि धमतरी के समाजसेवी और भाजपा नेता पँ राजेश शर्मा रहे, राजेश शर्मा ने सभी को मड़ाई उत्सव की बधाई देते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ में मड़ाई सिर्फ मौज मनोरंजन की जगह नही है, बल्कि मड़ाई छत्तीसगढ़ में धर्म, कला, उत्सव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रेग्युलेटरी जैसा है, मड़ाई लगने से धर्म तो आगे बढ़ता ही है, व्यापार कला को भी बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में पँ राजेश शर्मा के साथ वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश शर्मा, जिला पंचायत सदस्य खूबलाल ध्रुव, जनपद सदस्य पिंकू साहू, विकास शर्मा, कार्यक्रम के आयोजक संतोष नेताम, कैलाश नरेंद्र साहू, श्याम ,किशन विश्वकर्मा निर्मला मेशराम विश्वंभर चैन सिंह ध्रुव गुर्गा निषाद मन्नु सिंह और गंगरेल की जनता मौजूद रही।

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