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सहनशीलता की जननी का साक्षात उदाहरण है मातृशक्ति : ऊषा ठाकुर

ग्राम बिरेतरा में कन्या महाविद्यालय के एनएसएस शिविर में सखी वन स्टाप सेन्टर द्वारा महिला सशक्तिकरण पर हुई बौद्धिक परिचर्चा

धमतरी। शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय धमतरी द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम बिरेतरा में लगाया गया है, जिसके तहत प्रतिदिन दिनचर्या में बौद्धिक परिचर्चा के माध्यम से स्वयंसेवकों के बौद्धिक विकास के लिए जानकारी दी जाती है, जिसके तहत महिला सशक्तिकरण विषय पर सखी वन स्टॉप सेन्टर धमतरी के वरिष्ठ श्रीमती उषा ठाकुर व सुश्री तृप्ति साहू के द्वारा एनएसएस में गये 50 स्वयं सेवकों को महिला सशक्तिकरण पर बौद्धिक चर्चा किए।

जिस पर सखी वन स्टॉप प्रमुख श्रीमती ऊषा ठाकुर ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का मतलब है महिलाओं को शक्तिशाली बनाना ताकि वे खुद के लिए निर्णय लेने में सक्षम हो सकें, सहनशीलता की जननी व साक्षात उदाहरण मातृशक्ति है, महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार लाना अति आवश्यक है, जिससे उन्हें रोजगार, शिक्षा, आर्थिक तरक्की के बराबरी के मौके मिल सके,जिसके द्वारा महिलाएँ भी पुरुषों की तरह अपनी सभी आकंक्षाओं को पूरा कर सके।

महिला सशक्तिकरण व लैंगिक समानता के लिए कल्याण, पहुँच, विवेक, भागीदारी और नियंत्रण यह पांच आयाम है जो महिला सशक्तिकरण को सिद्ध करेगा। सभी स्वयं सेवकों ने महिला सशक्तिकरण में अपनी सहभागिता की शपथ लिए। इस अवसर पर एनएसएस शिविर प्रभारी सुश्री रोली जांगड़े, सहायक प्राध्यापक दानेश्वर साहू, सहायक प्राध्यापक सतीश साहू मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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