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रत्नाबांधा रोड़ पर सालों से खल रही यात्री प्रतिक्षालय की कमी

पुराने जर्जर प्रतिक्षालय के डिस्मेटल के सालो बाद भी नहीं बन पाया नया प्रतिक्षालय

दुर्ग-बालोद-राजनांदगांव रुट की बसे ठहरती है रत्नाबांधा चौक के पास, रोजाना सैकड़ों यात्री खुले में करते है बस का इंतजार
धमतरी। शहर में कई स्थानों पर अलग-अलग रुट की बसे अलग-अलग स्थानों पर स्टापेज लेकर यात्रियों को बैठाती व उतारती है। इस दौरान रत्नाबांधा रुट के यात्रियों को सबसे ज्यादा असुविधा होती है। यहां सालों से खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करने यात्री मजबूर है। बता दे कि रत्नाबांधा चौक में सालों पहले से एक यात्री प्रतिक्षालय जो कि काफी जर्जर हो चुका था जो काफी पहले डिस्मेेंटल किया जा चुका है। लेकिन इसके बाद आज तक यात्री प्रतिक्षालय का निर्माण नहीं हो पाया है। जिसके कारण मजबूरी में यात्रियों को यहां खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ता है। दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव रुट पर चलने वाली यात्री बसों में सबसे ज्यादा सवारी रत्नाबांधा चौक पर ही होता है। और यहां ही यात्री प्रतिक्षालय की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी बारिश और गर्मी के मौसम में होती है। जब अचानक बारिश हो जाये तो आसपास के दुकानों में शरण लेनी पड़ती है। इस दौरान दो बाते भी यात्रियों को सुनना पड़ जाता है। ऐसी ही स्थिति गर्मी के दिनों में कड़ी धूप से बचने के दौरान यात्रियों को झेलनी पड़ती है। यात्री अरुणा देवांगन, वीणा साहू ने कहा कि रत्नाबांधा से सालों से बसों में सफर कर रहे है। आज तक यात्रियों के लिए यहां बेहतर सुविधा नहीं मिल पाई है। पहले टूटा फूटा जर्जर ही सही रुकने की जगह तो थी अब वह भी नहीं है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। बालोद, राजनांदगांव, और दुर्ग रुट की बसे यहां रुकती है। इन बसों के आवागमन के समय में काफी अंतराल होता है। इसलिए ज्यादा समय रुकना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सुविधा उक्त यात्री प्रतिक्षालय का निर्माण रत्नाबांधा चौक के पास होना चाहिए।

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