कांग्रेस महापौर प्रत्याशी पर लगाये गये आपत्ति के बाद नामांकन हुआ निरस्त
कांग्रेसियो ने भाजपा मुर्दाबाद के लगाए नारे

निराकरण हेतु रखा गया पक्ष
भाजपा-कांग्रेस दोनो पक्षो द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ताओं के माध्मय से रखा गया पक्ष
धमतरी- नगरीय निकाय चुनाव के तहत धमतरी नगर निगम में नामांकन दाखिल करने के पश्चात स्क्रूटनी की गई। जिसके पश्चात आपत्ति लगाई गई है जिसका आज निराकरण किया गया.
ज्ञात हो कि महापौर के लिए 14 तथा चालीस वार्डो के पार्षद पद हेतु 148 नामांकन फार्म जमा हुए। कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी समेत दो पार्षद प्रत्याशियों के नामांकन पर आपत्ति दर्ज हुई थी। कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा के नामांकन पर भाजपा प्रत्याशी के अभिकर्ता कवीन्द्र जैन ने आपत्ति दर्ज कराई थी उनका तर्क है कि कांग्रेस प्रत्याशी नगर निगम में ठेकेदार है। नगर पालिका निगम अधिनियम की धारा 17 (2) के तहत नगर निगम से लाभ प्राप्त करने के चलते चुनाव लडऩे के लिए अपात्र है। रिटर्निंग अधिकारी ने आवेदन को विचाराधीन में रखा था। कांग्रेस प्रत्याशी को इस आपत्ति पर अपना पक्ष रखने के लिए आज दोपहर 12 बजे तक का समय दिया गया था। निर्धारित समय के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी विजय गोलछा अधिवक्ताओं के साथ पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेसी भी निगम कार्यालय के बाहर मौजूद रहे। वहीं भाजपा के आपत्ति कर्ता कवीन्द्र जैन भी वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ निगम पहुंचे साथ ही भाजपाई भी मौजूद रहे। दोनो पक्षो द्वारा अपनी-अपनी बात रखी गई। जिसके पश्चात आयोग द्वारा निर्णय लिया गया की कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जा रहा है.कांग्रेसियो ने भाजपा मुर्दाबाद के नारे कक्ष से बाहर निकलते ही लगाए बताया जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग से प्रेक्षक भी आपत्ति के निराकरण हेतु धमतरी पहुंचे थे. वहीं अन्य निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहे।
वार्ड प्रत्याशियों पर आपत्ति
कांग्रेस के श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के प्रत्याशी राकेश लुनिया के नामांकन पर भाजपा प्रत्याशी पवन पटेल ने आपत्ति दर्ज कर कहा था कि वार्ड पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है और कांग्रेस प्रत्याशी ने पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया है। इसी तरह कांग्रेस के ब्राम्हणपारा वार्ड के प्रत्याशी राजेश पांडेय के नामांकन पर भाजपा प्रत्याशी कोमल सार्वा ने आपत्ति दर्ज कर तर्क दिया कि उन्होंने सम्पत्ति संबंधी जानकारी छिपाई गई है। आपत्ति पर राकेश लुनिया को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने तथा राजेश पांडेय को अपना पक्ष रखने कहा गया था। इनका निर्णय भी आज लिया जा रहा है। उक्त आपत्ति पर अपना-अपना पक्ष समाचार लिखर जाने तक निराकरण की प्रक्रिया जारी थी.
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