गंगरेल बांध में है लगभग 15 टीएमसी उपयोगी पानी, गर्मी में नहीं होगा जल संकट
सहायक बांधो, मुरुमसिल्ली, दुधावा, सोंढुर बांध में भी है पर्याप्त पानी
पेयजल, निस्तारी, सिंचाई, बीएसपी आदि के लिए मिल पायेगा पानी

धमतरी । गर्मी की दस्तक हो चुकी है। हर साल गर्मी के मौसम में जल संकट से लोगों को जूझना पड़ता है। और यदि जिले के बांधो में जल संग्रहण पर्याप्त न हो तो यह समस्या विकराल हो जाती है, लेकिन इस बार बांधो में पर्याप्त पानी होने के कारण जल संकट की समस्या से कुछ हद तक राहत जरुर मिलेगी।
बता दे कि प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े बांध गंगरेल की जल भराव क्षमता 32.150 टीएमसी है। बांध में वर्तमान में 14.9 टीएमसी उपयोगी पानी है। जबकि कुल जल भराव 19.9 टीएमसी है। गंगरेल बांध से रायपुर व धमतरी नगर निगम को पेयजल सप्लाई किया जाता है। भिलाई स्टील प्लांटे को भी साल भर पानी दिया जाता है। इसके अतिरिक्त सिंचाई निस्तारी आदि कार्यो के लिए भी बांध से पानी छोड़ा जाता है। इस सब आवश्यक जरुरतो के बाद भी बांध में पानी की कमी नहीं होगी। गंगरले बांध एक बहुउद्देश्यीय परियोजना है। जिसके तहत मछली पालन, पर्यटन भी जुड़ा है। यह तब बेहतर तरीके से संभव हो पाता है जब बांध में पर्याप्त पानी हो। गत वर्ष मानसून मेहरबान रहा। इसलिए गंगरेल बांध लबालब हुआ। नतीजन आज गर्मी के मौसम तक बांध में पर्याप्त पानी है।
गंगरेल बांध के अतिरिक्त अल्प सहायक बांधो में भी पर्याप्त पानी है। मुरुमसिल्ली बांध में 4.6 टीएमसी है। वर्तमान में बाध में 4.5 टीएमसी उपयोगी पानी है। वहीं दुधावा बांध में 5.3 टीएमसी पानी है। जिसमें उपयोगी पानी 5.1 टीएमसी है। इसी प्रकार सोंढुर बांध में 4.9 टीएमसी जल भराव है। जिसमें उपयोगी पानी 4.2 टीएमसी है। इस प्रकार गंगरेल बांध उपयोग 15 टीएमसी पानी अतिरिक्त 3 अन्य सहायक बांधो में लगभग 14 टीएमसी उपयोग पानी भरा हुआ है। जिसके आवश्यकता पडऩे पर गंगरेल बांध लाया जा सकता है।
ज्ञात हो कि 2024 के गर्मी के सीजन में गंगरेल बांध सूखा पड़ा था स्थिति डेड स्टोरेज तक आ गई थी। जिससे भूल जल स्तर में गिरावट, नदी तालाबों का सूखना आदि के कारण जल संकट और बढ़ गया था। लेकिन इस बार बांधो में पर्याप्त पानी होने से इस बार गर्मी के मौसम में जल संकट से राहत मिल पायेगी।
