निगम सभापति चुनाव : 2 या 3 बार अनुभवी पार्षदों को मिल सकती है प्राथमिकता
40 में से 27 पार्षद भाजपा के इसलिए भाजपा से सभापति निर्वाचित होना माना जा रहा तय
भाजपा से आधा दर्जन से अधिक पार्षद है सभापति के रेस में

धमतरी नगरीय निकाय चुनाव से स्पष्ट हो गया कि महापौर के साथ ही निगम के सदन में भाजपा ने बहुमत हासिल किया है। चुनावी प्रक्रिया अब आगे बढ़ते हुए निगम अध्यक्ष (सभापति ) का चुनाव कल होने जा जा रहा है। ज्ञात हो कि धमतरी नगर निगम अन्तर्गत आने वाले 40 वार्डो में से 27 वार्डो में भाजपा पार्षदों को जीत मिली है। 8 वार्डो में कांग्रेस जबकि 5 वार्डो में निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज किया है। चूंकि सभापति का पद निगम में सवैधानिक होता है ऐसे में सभापति निर्वाचन की एक प्रक्रिया होती है। जिसके तहत कल चुनाव होना है। चुनाव में भाजपा किसे उम्मीदवार बनाती है यह अभी सार्वजनिक रुप से स्पष्ट नहीं हुआ है। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद से ही कई पार्षद सभापति की रेस में चल रहे है। भाजपा से आधा दर्जन से अधिक पार्षदों के नामों की चर्चा जोर शोर हो रही है। लेकिन पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के अनुसार विशेष मांग की जा रही है कि दो या तीन बार के किसी अनुभवी पार्षदों को ही सभापति जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी दी जाए। ऐसे में कई ऐसे पार्षद जो पहली बार पार्षद निर्वाचित हुए है उनकी दावेदारी कमजोर प्रतीत हो रही है। चूंकि निगम में भाजपा के 27 पार्षद है ऐसे में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने से पार्टी जिसे भी सभापति का उम्मीदवार बनाती है उनका सभापति बनना तय माना जा रहा है। अभी तक सभापति व एमआईसी मेम्बर चयन हेतु कई बैठक हो चुकी है। चर्चा तो यह भी है कि सभापति के कई दावेदारों में से जिन्हें सभापति नहीं बनाया जाएगा उन्हें एमआईसी मेम्बर बनाकर संतुष्ट करने का प्रयास किया जायेगा। खैर भाजपा ने अभी तक पत्ते नहीं खोले है।

वहीं कांग्रेस की बात की जाए तो कांग्रेस के पास मात्र 8 पार्षद है ऐसे में कांग्रेस सभापति चुनाव में उम्मीदवार उतारती है या नहीं, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस यदि सभापति उम्मीदवार का ऐलान भी करती है तो यह मात्र औपचारिकता होगी। क्योंकि उनके पास संख्या बल पर्याप्त नहंी है। वैसे कुछ दिन पूर्व ही धमतरी नगर निगम के लिए प्रभारी बनाये गये वरिष्ठ नेता पंकज सत्यनारायण शर्मा ने राजीव भवन में कांग्रेस के वरिष्ठ व पार्षदों की बैठक ली थी। जिसमें सभापति चुनाव व नेता प्रतिपक्ष चयन के संबंध में चर्चा हुई थी।


