Uncategorized

वनधन विकास केन्द्र दुगली में शहद की होगी पैकेर्जिंग, नये भवन का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

केंद्र में आजीविका संबंधी अन्य कार्य संचालित करने के दिये निर्देश

धमतरी 05 अप्रैल 2025/ कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज अपने नगरी प्रवास के दौरान दुगली स्थित लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं प्रशिक्षण केन्द्र का अवलोकन किया। उन्होंने केन्द्र में सचांलित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी से ली। अधिकारियों ने बताया कि प्रसंस्करण केन्द्र में सीजी हर्बल के लिए उत्पाद तैयार करने और उन्हें पैक करने का काम किया जाता है। इसके साथ ही तिखुर और शहद आदि भी एकत्रित किया जाता है। अधिकारियो ने यह भी बताया एलोवीरा के उत्पाद रायपुर से आते है, जिनकी यहाँ पैकिंग की जाती है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सीजी हर्बल द्वारा निर्मित नये भवन का भी अवलोकन किया और अधिकारियो क़ो निर्देशित किया कि शहद के संग्रहण और पैकिंग, हर्बल उत्पादों क़ो यहीं तैयार करें, ताकि स्थानीय लोगो क़ो अधिक से अधिक रोजगार मिल सके। कलेक्टर ने अधिकारियो क़ो वनधन केंद्र में आजीवका संबंधी कार्य संचालित करने के निर्देश भी दिये।
इस दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने केन्द्र में दोना -पत्तल निर्माण इकाई का भी अवलोकन किया। साथ ही समूह की महिलाओं से चर्चा करते हुए उनके द्वारा तैयार दोना-पत्तल विक्रय और इससे मिलने वाली आय के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर श्री मिश्रा ने इन महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बड़े़ बाजारों में बेचने के लिए पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही उन्होंने दोना पत्तल निर्माण हेतु मशीनों की संख्या बढ़ाते हुए अधिक से अधिक महिलाओ क़ो जोड़ने की भी बात कही।
बता दें कि वनधन विकास केन्द्र दुगली में कुल 22 प्रकार की सामग्रियां तैयार की जातीं हैं। इनमें एलोविरा जूस, साबून, बॉडीवॉश, शैम्पू, जैल, मॉस्चराईजर, हेयर कंडीशनर के साथ ही आंवला कैंण्डी, आंवला जूस, आंवला चूर्ण, बेहड़ा पावडर, त्रिफला चूर्ण, शतावर चूर्ण, अश्वगंधा चूर्ण, अर्जुन चूर्ण, जामुन गुठली चूर्ण, कालमेघ चूर्ण, तिखुर पावडर, बैचांदी चिप्स, माहुल पत्ता, शीशम रस्सी और शहद निर्मित किया जाता है। इनमें से 15 प्रकार की औषधि एवं खाद्य सामग्री का निर्माण शामिल है, जिसका आयुष एवं खाद्य विभाग से लायसेंस भी मिला है। यहां वर्ष 2023 से एलोवेरा का उत्पाद साबून, शैम्पू, मॉस्चराईजर, बॉडीवॉश आदि तैयार किया जा रहा है, जिसका ड्रग एवं कॉस्मेटिक विभाग से लायसेंस मिला है। प्रदेश में एकमात्र वनधन विकास केन्द्र दुगली है, जिसमें एलोवेरा का प्रीमियम प्रोडक्ट तैयार किया जाता है। इसके अतिरिक्त यहां का तिखूर अच्छी गुणवत्ता का तैयार किया जाता है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!