जोधापुर वार्ड के कांग्रेसी पार्षद का निर्वाचन रद्द करने भाजपा प्रत्याशी ने लगाई याचिका

नगर निगम धमतरी के हाल ही में संपन्न चुनावों में भाजपा प्रत्याशी रामू रोहरा के निर्वाचन अभिकर्ता कविंद्र जैन की आपत्ति पर कांग्रेस के महापौर का नाम निर्देशन पत्र छग नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 17 1(ग ) के अनुसार निगम में ठेकेदार के रूप में प्रत्यक्ष हित रखने के कारण निरस्त हुआ था। रिटर्निंग अधिकारी के निर्णय को उच्च न्यायालय ने भी सहीं ठहराया था। इसी प्रकार की निर्हता जोधापुर वार्ड से कांग्रेस पार्षद सत्येंद्र विशु देवांगन के नाम निर्देशन पत्र पर भी लागू होती है। कांग्रेस के टिकट से चुनाव जीत कर आए जोधापुर वार्ड के पार्षद सत्येंद्र विशु देवांगन जो कि मे. नील ट्रेडर्स नाम के ठेकेदारी फर्म के प्रोपराइटर हैं तथा उनकी फर्म धमतरी नगर निगम के साथ अनुबंध के आधार पर एक से अधिक वार्डों में ठेके पर निर्माण कार्य कर रही है तथा प्रत्यक्ष हित रखती है। अपने नाम निर्देशन पत्र में पार्षद द्वारा घोषित रूप से ये कथन किया गया था कि मेरे सर्वोत्तम ज्ञान तथा विश्वास के अनुसार मै पार्षद के स्थान पर चुने जाने हेतु अर्हित हूं तथा निर्रहित नहीं हूं। इस प्रकार उनके द्वारा नाम निर्देशन पत्र में स्पष्ट रूप से जानबूझकर निर्रहता छिपाई गई है। इसी आधार पर समस्त दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए जोधापुर वार्ड के भाजपा प्रत्याशी दीपक गजेंद्र ने जिला न्यायालय धमतरी में छग नगर पालिक निगम 1956 की धारा 441 के तहत निर्वाचन याचिका प्रस्तुत की है। न्यायाधीश द्वारा याचिका ग्राह्य करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। भाजपा नेता कविंद्र जैन ने बताया कि याचिका में न्यायाधीश से प्रार्थना की गई है कि उपरोक्त निर्रहता के चलते कांग्रेस पार्षद का निर्वाचन रद्द करते हुए द्वितीय स्थान पर रहे याचिकाकर्ता भाजपा प्रत्याशी दीपक गजेन्द्र को निर्वाचित घोषित किया जाए तथा अन्य अनुतोष जो न्यायालय उचित समझे प्रदान किया जाए।

