अशासकीय विद्यालयों का बना नया प्रदेश स्तरीय संगठन, सुबोध राठी चुने गए सर्वसम्मति से अध्यक्ष
विभिन्न मांगो को लेकर संगठन करेगा आवाज बुलंद

धमतरी। अशासकीय विद्यालयों द्वारा नया संगठन तैयार किया गया है। जिसके प्रदेश अध्यक्ष सर्वसम्मति से सुबोध राठी धमतरी को एवं प्रदेश सचिव मनोज पाण्डेय जांजगीर को बनाया गया। विदित हो आरटीई की विसंगतियों से अशासकीय विद्यालय विगत कई वर्षों से जूझ रहे हैं। आरटीई का पैसा समय पर नहीं मिलना सबसे बड़ी समस्या है। अशासकीय विद्यालयों की प्रमुख मांग है कि सत्र समाप्त होते ही प्रतिपूर्ति राशि विद्यालयों को मिल जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर अशासकीय विद्यालयों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति की राशि का निर्धारण 2011 में हुआ था। उसी अनुसार अभी तक राशि दी जा रही है। जबकि विगत 6, 7 वर्षों से लगातार प्रतिपूर्ति राशि में वृद्धि की मांग की जा रही है। मांग है कि शासन शासकीय विद्यालय में प्रति छात्र प्रतिवर्ष जितना व्यय करता है, उतनी ही राशि निजी विद्यालयों को प्रति पूर्ति के रूप में प्रदान किया जाए। आरटीई अंतर्गत बच्चों को गणवेश एवं पुस्तक हेतु दी जाने वाली राशि अत्यंत कम है। इसे बढ़ाकर 2000 दिए जाने की मांग कई वर्षों से की जा रही है। शासन की सरस्वती साइकिल योजना का लाभ निजी विद्यालय में पढऩे वाली गरीब छात्राओं को भी मिलना चाहिए। इसी प्रकार शासन द्वारा विद्यालयो को प्रदान की जाने वाली पाठ्यपुस्तक समय पर एवं संकुल स्तर पर प्राप्त हो, यह भी बड़ी मांग है। स्कूल बसों की वैधता को 12 वर्ष से बढ़ाकर 18 वर्ष किया जाना चाहिए। इन मांगों को लेकर विगत 7, 8 वर्षों से अशासकीय विद्यालय के जिलों के संगठन लगातार संघर्षरत हैं। नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुबोध राठी एवं प्रदेश सचिव मनोज पाण्डेय ने बताया अभी 24 जिलों के संगठन प्रदेश संगठन से जुड़ गए हैं। शीघ्र ही सभी 33 जिलों में संगठन का विस्तार किया जाएगा। वहीं अपनी मांगों को लेकर अति शीघ्र मुख्यमंत्री एवं शिक्षा सचिव से भी प्रतिनिधि मंडल मुलाकात करेगा। वर्तमान सरकार प्रदेश के सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है अत: संगठन को पूरा विश्वास है कि मांगों को भी पूर्ण करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी। बैठक में विभिन्न जिलों के निजी विद्यालय संघ के जिला अध्यक्ष एवं सचिव शामिल थे। धमतरी जिले से पूर्व अध्यक्ष विनोद पाण्डेय, वर्तमान अध्यक्ष तरुण भांडे, तिहारु सिन्हा, धीरज अग्रवाल, बसंत गजेंद्र, गजेंद्र पटेल, विशेष लखोटिया परख दास मानिकपुरी गोपाल साहू समेत विभिन्न जिलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
