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श्रीकथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ के पूर्व निकाली गई भव्य शोभायात्रा, विशाल रथ में सिद्ध पादुकाएं, राउत नाचा, राम दरबार प्रदर्शनी, राधाकृष्ण झांकी रहा आकर्षण का केंद्र

श्रीकथा ज्ञान यज्ञ प्रारंभ होने से पूर्व भव्य शोभायात्रा निकाली गई जिसमें कलश यात्रा, विशाल रथ में विराजित जगद्गुरु नरेंद्राचार्य महाराज की प्रतिमा एवं सिद्ध पादुकाएं, राउत नाचा, राम दरबार प्रदर्शनी, राधाकृष्ण झांकी, भजन गायन, भगवा ध्वजा धारी सहित अनेक भक्त शामिल थे । कथा के पहले दिन पूरे नगर के महिलाओं द्वारा सैकड़ों की संख्या में कलश यात्रा में अपनी सहभागिता दी। भव्य शोभा यात्रा की शुरुआत प्रातः 11 बजे  साईं मंदिर रुद्री कॉलोनी से होते हुए कार्यक्रम स्थल श्री दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर परिसर पहुंची.श्री कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे हुआ। श्री कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर कथा व्यास से जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य  महाराज के कृपा पात्र शिष्य कृष्णदास महाराज द्वारा श्री लीलामृत ग्रंथ से प्रवचन उपदेशित किया कि तारकासुर ने देवताओं को जीतने और असुरों का राजा बनने के लिए घोर तपस्या की थी। उसने ब्रह्मा जी से वरदान मांगा कि उसकी मृत्यु केवल शिव के पुत्र के हाथों ही हो. तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उसे वरदान दिया कि वह असुरों का राजा होगा और उसे केवल शिव का पुत्र ही मार सकता है. आज इस कलिकाल में हमारा मन ही सात्विकता के कमी के वजह से तारकासुर की तरह बन चुका है, और हमारे मन के तारकासुर के वध करने के लिए मन की सात्विकता भक्ति कथा श्रवण चिंतन मनन कर हमें बढ़ानी है.श्री कथा में जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज द्वारा रचित श्री लीलामृत ग्रंथ जो 18 पुराण, 6 शास्त्र का सार है जिसका सारगर्भित प्रवचन का लाभ सभी भक्तों ने लिया ।श्री कथा ज्ञान यज्ञ समर्पण भाव से सुनने मात्र से ही लोक परलोक दोनों सुधर जाते हैं। श्री कथा में हमारे सनातन हिन्दू धर्म के 18 पुराणों 6 शास्त्र का दिव्य सारगर्भित रस में समाहित होने के वजह से इसे हम भगवतम भी कहते है।जहां अन्य युगों में मोक्ष की प्राप्ति करने के लिए कड़ी मेहनत और परिश्रम करनी पड़ती थी वहीं कलयुग में श्री कथा सुनने मात्र से मुक्ति मिल जाती है। मनुष्य के भीतर का सोया हुआ ज्ञान और वैराग्य जागृत जाते है। श्री कथा उस कल्पवृक्ष के समान हैं जो हमारी इच्छाओं की पूर्ति कर देता है। प्रवचन पश्चात संध्या रासलीला हुए जिसमें नृत्य, भजन एवं अभिनय तीनो कलाओं के समावेश थे जिसका लाभ सभी भक्तों ने हर्षौल्लास से लिया। रासलीला पश्चात संध्यारती हुई जिसके बाद प्रथम दिवस के कथा को विश्राम देकर प्रसादी भंडारा आयोजन किया गया जिसका लाभ हजारों के संख्या में भक्तों ने लिया। श्री कथा ज्ञान यज्ञ में अतिथि रूप में दीपक लखोटिया, श्रीमती अनिता यादव जनपद सदस्य, श्रीमती लक्ष्मी तरुण बया सरपंच ग्राम रुद्री, शुभम साहू उपसरपंच रुद्री,  जागेंद्र साहू पूर्व जनपद सदस्य, छत्तीसगढ़ पीठ प्रमुख घनश्याम माहेश्वरी ,  उप पीठ प्रमुख मुन्ना लाल मोटघरे , पीठ व्यवस्थापक सुधीर पवार , छग़ उपपीठ ब्लड इन नीड प्रमुख एवं ज.न.म प्रवचनकार सौरभ सोनी  , जिला कर्नल वेदप्रकाश सोनी , जिला निरीक्षक सचिन तोड़कर , जिला अध्यक्ष मोहनीश पद्मावार स्व-स्वरूप संप्रदाय धमतरी साथ ही बालोद, दुर्ग, राजनांदगांव आदि जिले के भक्त एवं पदाधिकारी उपस्थित थे ।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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