अरिहंत वाटिका कॉलोनी वाले जिस संदिग्ध व्यक्ति को बच्चा चोर समझ रहे थे,वो निकला मानसिक रोगी
एसपी को सूचना मिलने पर तत्काल कार्यवाही के दिये निर्देश, कोतवाली पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर,सीसी टीवी कैमरे के माध्यम से किया गया तस्दीक
मेंटली डिस्टर्ब होने के कारण ओजश्वी नरसिंग होम में किये थे भर्ती,जहां से वो भाग गया था

धमतरी । अरिहंत वाटिका कॉलोनी निवासी गंगाशरण साहू ने थाना सिटी कोतवाली में आवेदन देते हुए बताया की 24 अप्रैल को उनका 8 वर्षीय पुत्र कॉलोनी के बच्चों के साथ अपने घर के बाहर फुटबाल खेल रहा था। उसी समय एक संदिग्ध व्यक्ति वहाँ आया और बच्चे से बातचीत करने का प्रयास करने लगा,कुछ ही क्षणों में वह व्यक्ति जबरदस्ती उसके बच्चे को अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगा। तब उन्होंने इसका विरोध किया और उस व्यक्ति को वहाँ से चले जाने को कहा, उसकी हरकतों और व्यवहार से संदिग्ध प्रतीत हो रहा था। जिसको बच्चा चोर समझकर थाना सिटी कोतवाली में सूचना दिये थे। जिसकी सूचना पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार को मिलते ही तत्काल थाना सिटी कोतवाली पुलिस को उक्त संदिग्ध व्यक्ति को तत्काल पकडऩे के निर्देश दिये गये। जिस पर तत्काल थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर आस पास के सीसी टीवी कैमरे को खंगाला साथ ही आस पास तस्दीक भी किया गया। जिस पर पता चला की वो मानसिक रुप से बिमार मेंटली डिस्टर्ब के कारण उसके परिजनों ने 23 अप्रैल ओजश्वी नर्सिंग होम में भर्ती किये थे। जो 24 अप्रैल को शाम को हॉस्पिटल से भाग गया था। जिसके बारे में पूरा तस्दीक करने पर उनका नाम विक्रांत पुजारी पिता महेश पुजारी उम्र 28 साल जो राम जानकी मोहल्ला उमरगाँव,थाना सिहावा, जिला धमतरी का रहने वाला है,जो आबकारी विभाग में बोराई चेक पोस्ट पर काम करता था। जिसको धमतरी के आसपास में पता किये धमतरी में पता नही चला। जिसके बाद में उनके घर पता करने पर पता चला की वो 25 अप्रैल को स्वयं घर पहुंच गया था।