बाल विवाह पर पैनी नजर, दो साल की सजा के साथ जुर्माने का भी है प्रावधान
अक्षय तृतीया पर जिले में बाल विवाह रोकने तीन टीम गठित

धमतरी। अक्षय तृतीया के दिन शहर सहित अंचल में उक्त शुभ दिन ढेरो शादियां होती है। लेकिन जागरुकता एवं अज्ञानता की वजह से आज भी कुछ स्थानों में बाल विवाह के मामले सामने आते रहते है। इस बार अक्षय तृतीया में बाल विवाह को लेकर विशेष तैयारी की गई है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह को लेकर समय समय पर व्यापक प्रचार प्रसार किया जाता है। इससे लोगो में काफी हद तक जागरुकता आई है। अक्षय तृतीया पर्व में अनेक शादियां होती है। इस बार यह पर्व 30 अप्रैल को है इसे ध्यान में रख बाल विवाह पर पैनी नजर रखने जिला स्तर पर तीन टीम गठित की गई है। साथ ही गांवो के सरपंच, सचिव, कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं शहर में पार्षद एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने कहा गया है। कही पर बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने कहा गया है। ताकि समय पर बाल विवाह रोक सके। जिला बाल संरक्षण अधिकारी आनंद पाठक ने बताया कि विवाह के लिए युवती की उम्र 18 वर्ष एवं युवक की उम्र 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में शादी करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है। इसके लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम बनाया गया है। इसमें दो साल की सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। उन्होने बताया कि बाल विवाह रोकने विभाग सक्रियता से कार्य कर रही है। इसके तहत 2019-20 में 9 बाल विवाह रुकवाये गये। 2020-21 में 7, 2021-22 में 7, 2022-23 में 6, 2023-24 में 7, अप्रैल 2025 तक 4 बाल विवाह टीम द्वारा रुकवाई गई है। छह साल में टीम ने 40 बाल विवाह रुकवाई है।