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भक्ति, शुभ कर्म,परोपकार कर ईश्वर को प्रसन्न कर उनका साक्षत्कार करें-स्वामी मनोहर प्रकाश

धमतरी। पूज्य सन्त स्वामी मनोहर प्रकाश जी महाराज ने सत्संग के दौरान स्वयं के रचित भजन को गाया जिसमें मनुष्य जन्म को प्रभात बताया गया है चौरासी लाख योनि को गहरी रात बताया गया है जैसे रात्रि में अंधेरा होने के कारण कोई भी कार्य करना मुश्किल होता है एवं प्रभात होते ही प्रकाश में सारे कार्य आसानी से हो सकते हैं वैसे ही ईश्वर की कृपा से हमें मनुष्य जन्म का सुअवसर मिला है जो चौरासी लाख योनियों में प्रभात के समान है अवसर का लाभ लें भक्ति करें शुभ कर्म करें परोपकार करें ईश्वर की प्रसन्न कर उसका साक्षत्कार करें अपने अन्दर के नेत्रों को खोल कर देखो सामने मुरली मनोहर ईश्वर सामने खड़ा है उनसे अपने दिल की बातें करो फिर यह दुर्लभ अवसर नहीं मिलेगा।
