स्वच्छता में लापरवाही का खामयाजा हम गंदगी और बदहाल निकासी व्यवस्था के रुप में सालो से भुगत रहे है-नीलेश लुनिया
निगम स्वास्थ सभापति ने शहरवासियों व व्यापारियों से स्वच्छता में सहयोग की अपील

निगम स्वास्थ विभाग सभापति नीलेश लुनिया ने शहर वासियो से नालियों में कचरा न डालने की अपील करते हुए कहा कि नलियों में पॉलीथिन डिस्पोजल रोज निकाला जा रहा है, लेकिन उतनी मात्रा में दूसरे दिन वह फिर आ जाता है। यही कारण है कि निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है.श्री लुनिया ने कहा कि यदि जनता व सभी व्यापारी जागरूकता का परिचय दे तो नालियों को जाम होने से बचाया जा सकता है.इससे निकासी व्यवस्था भी बेहतर रहेगी.हम सभी शिक्षित और सभ्य लोग है सभ्य समाज में रहते हैं लेकिन नालियों ने कचरा डालकर अपनी शिक्षा और जागरूकता का परिचय नहीं दे पा रहे हैं.हमारी यह लापरवाही का खामयाजा हमें ही गंदगी और बदहाल निकासी व्यवस्था के रुप में सालो से भुगतना पड़ता रहा है.अब समय आ गया है कि हम जागरूकता का परिचय दे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या में शामिल करे.इससे स्वच्छ धमतरी का सपना साकर होगा.श्री लुनिया ने आगे कहा कि नगर निगम द्वारा सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जनता की भागीदारी अहम है. शहर में चलने वाले सभी कचरा वाहनों में रूट चार्ट लगाया गया है, ताकि कचरा निस्तारण व्यवस्थित रूप से किया जा सके। व्यापारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने कचरे को नियमित रूप से कचरा गाड़ी में ही डालें और सड़क या गलियों में न फेंके।नगर निगम का लक्ष्य न केवल सफाई अभियान चलाना है, बल्कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना भी है। यह सफाई अभियान तब ही सफल होगा, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और सफाई बनाए रखने में सहयोग करे.सफाई के दौरान रोजाना
प्लास्टिक जैसी झिल्ली डिस्पोजल पॉलीथिन गंदगी निकाली जा रही है आगामी बारिश के मौसम में यही नालियों का निकासी प्रभावित करेगा जिससे जलभराव की समस्या होती है.
नालियों को न बनाये कूड़ा दान, स्वच्छता में दे सहयोग
निगम स्वास्थ विभाग सभापति नीलेश लूनिया ने नागरिकों से अपील की है कि नालियां पानी की निकासी के लिए होती हैं, न कि कूड़ा फेक कर कूड़ादान बनाने के लिए.घर और दुकानों से निकलने वाले कचरे को कूड़ेदान में ही डालें। सफाई कर्मियों की मेहनत को सार्थक करने शहर को स्वच्छ बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है.कई नालियों का बहाव पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाता है। नालियों को कूड़ेदान में तब्दील करना चिंताजनक स्थिति है, जिससे न केवल जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।
