कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने प्रेसवार्ता लेकर दी घरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की विस्तृत जानकारी
लोगों को लाभान्वित करने के लिये 15 से 30 जून तक जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का किया जा रहा आयोजन

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने प्रेसवार्ता लेकर घरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की विस्तृत जानकारी दी.उन्होंने बताया कि जिले के चारों विकासखंडों में चयनित 97 ग्राम पंचायतों, जिसमें 17282 परिवारों के 76560 जनसंख्या शामिल है के आदिवासी बाहुल्य ग्रामों को विकसित एवं समृद्ध बनाने के लिये घरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में शामिल किया गया है।
जिले में विभिन्न विकास विभागों के माध्यम से अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के लिये इस योजना का संचालन किया जाना है। यह अभियान 5 वर्षों के लिये होगा ।गाँवों में शासन की विभिन्न योजनाओं से शत-प्रतिशत लोगों को लाभान्वित करने के लिये 15 से 30 जून तक जागरूकता सह लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति को पात्रता अनुसार अब तक वंचित सभी पात्र जनजातीय व्यक्तियों परिवारों को व्यक्तिगत लाभों हक से संतृप्त किया जाना और इस अभियान के प्रति जागरूकता पैदा करना है, जिसके लिये जनपदों के माध्यम से ग्राम स्तर पर मुनादी एवं अन्य माध्यमों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रचार प्रसार हेतु 12 जून को धरती आबा मितान एवं समाज प्रमुखों की बैठक जनपद नगरी में आयोजित की जा रही है।इस शिविर में ग्रामीणों को 17 विभागों की 25 योजनाओं से यथासंभव मौके पर ही लाभान्वित किया जायेगा। जिले में 16 जून से 30 जून तक 18 शिविरों के माध्यम से स्थल पर विभिन्न Entitlements (त्वरित गतिविधि) जैसे आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, एलपीजी उज्जवला योजना, पीएम मातृवंदना योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना, श्रम कार्ड, पीएम किसान क्रेडिट कार्ड, मनरेगा, पीएम जनधन योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना इत्यादि सेवाओं के प्रदाय हेतु त्वरित कार्यवाही किया जाना है।इन शिविरों में चयनित 108 ग्रामों के लिये पहुंच मार्गों, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों का पंजीयन, आंगनबाड़ी केन्द्रों से पोषण, इंटरनेट एवं मोबाईल सर्विस की उपलब्धता के साथ-साथ आजीविका विकास संवर्धन के लिये कौशल विकस गतिविधियों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन के प्रकरण के लिये भी ग्रामीणों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार किये जायेंगे.साथ ही खेती किसानी, पशुपालन, मुर्गीपालन, मछलीपालन एवं डेयरी गतिविधि के इच्छुक ग्रामीणों को इन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जायेगा.जनजातीय परिवारों के कल्याण एवं संवर्धन हेतु कार्ययोजना बनाकर संबंधित विभाग ने कार्य करना प्रारंभ कर दिया है जिसके तहत आदिवासी विकास विभाग द्वारा कुल 3 आश्रम छात्रावास भवनों का प्रस्ताव, टी.एम.एम.सी. का प्रस्ताव, युवा केन्द्र की स्थापनाका प्रस्ताव, इसी प्रकार कृषि विभाग द्वारा 5414 इकाई के लिए प्रस्ताव,पशुपालन विभाग द्वारा 1165 इकाई का प्रस्ताव, मत्स्य विभाग द्वारा 155 इकाई, उद्यानिकी विभाग द्वारा 130 ईकाई हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोबाईल मेडिकल यूनिट वाहन की 7 ईकाई हेतु प्रस्ताव, केडा विभाग द्वारा सोलर होम लाईट के माध्यम से अविद्युतीकरण परिवारों का विद्युतीकरण कार्य हेतु 298 इकाई हेतु प्रस्ताव, कौशल विकास अंतर्गत ट्रेड का प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है।इस अभियान के तहत गांव के स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास योजनाओं को बनाने, उनका संचालन करने और उसमें आने वाली समस्याओं को मिल बैठकर आपसी सहमति से सुलझाने के लिये इन शिविरों में ग्रामीणों की अधिक से अधिक भागीदारी जरूरी है। गाँव के युवाओं से अपील है कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें ।
