शिशु और मातृ स्वास्थ्य होनी चाहिए प्राथमिकता – भानु चंद्राकर
डायरिया रोकथाम अभियान का कुरूद में हुआ शुभारंभ

कुरुद। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत डायरिया रोकथाम अभियान का शुभारंभ हुआ। यह अभियान 16 जून से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाना है। ब्लॉक स्तरीय इस शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन सिविल अस्पताल कुरूद में किया गया, जिसमें विधायक प्रतिनिधि भानु चंद्राकर मुख्य अतिथि और जनपद पंचायत कुरूद की स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास सभापति सिंधु बैस विशिष्ट अतिथि थे। बीएमओ डॉ. यूएस नवरत्न ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 0 से 5 वर्ष के बच्चों की असमय मृत्यु का एक बड़ा कारण डायरिया है, विशेष रूप से वर्षा ऋतु में इसका खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को दस्त होने पर ओआरएस घोल और जिंक की गोलियों का सेवन न केवल जीवनरक्षक है बल्कि भविष्य की गंभीर जटिलताओं से भी बचाव करता है। भानु चंद्राकर ने कहा शिशु और मातृ स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। एक बच्चे की भी असमय मृत्यु पूरे समाज की पीड़ा होती है। यह डायरिया रोकथाम अभियान घर-घर पहुंचकर न केवल दवा देगा, बल्कि जनजागरण भी करेगा। महिला एवं बाल विकास सभापति सिंधु बैस ने कहा माताओं को इस अभियान की जानकारी देना और उन्हें ओआरएस व जिंक के महत्व से अवगत कराना अत्यंत जरूरी है। इस अवसर पर बीपीएम रोहित पाण्डेय, बीईटीओ डीएस ठाकुर, क्षितिज साहू, दीपेश साहू, उषा वैष्णव एलएचवी, रूपमती नेताम, आनंद मार्कण्डेय, थानेश्वर दीवान, माला यादव रजनी साहू सुलोचना साहू गायत्री मंजू कमलेश्वरी सेन आदि उपस्थित थे।