साय सरकार खाद बीज की आपूर्ति में रही नाकाम, मंहगे दाम पर खाद खरीदने किसान हो रहे मजबूर
ओंकार साहू, विजय देवांगन, विपिन साहू, नीशु चन्द्राकर ने कहा बुआई में किसानो के पास नहीं है आवश्यक खाद-बीज
एक ओर मोदी सरकार किसानों की आय दुगुनी करने का वादा करती है दूसरी ओर भाजपा सरकार किसानी कार्य को और जटिल व मंहगा बनाने पर तुली हुई है

धमतरी । कांग्रेस प्रदेश में खाद बीज की किल्लत की मुद्दे को लेकर मुखर है। और राज्य सरकार को इस मुद्दे पर घेर रही है। जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा भी प्रभारी नियुक्त कर जिले भर में विरोध प्रदर्शन कर रही है।
विधायक ओंकार साहू, पूर्व महापौर विजय देवांगन, पूर्व दुग्ध महासंघ अध्यक्ष विपिन साहू, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशु चन्द्राकर ने कहा कि रासायनिक खाद एवं बीज की समस्या को लेकर कांग्रेस सहकारी समितियों के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदेश में किसान अब खरीफ फसल की बुआई, किसानी कार्य प्रारंभ कर चुके हैं, राज्य सरकार द्वारा किसानों को खाद बीज सुनिश्चित किया जाना था किंतु सहकारी समितियां में आज किसानों को खाद बीज की अनुपलब्धता से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है खाद बीज अनुपलब्धता को लेकर किसानों को होने वाली समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज जी के निर्देशानुसार जिले के समस्त प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेसियों ने कहा कि अगर समितियों में खाद एवं बीज की समस्या दूर नही हुई तो इसके विरोध में आगे और उग्र आंदोलन किया जायेगा। बीज की कमी से किसान परेशान है। समिति में खाद की कमी की वजह से किसान मारा-मारा फिर रहा है। मजबूरी में किसानों को निजी दुकानों से महंगे दर पर खाद खरीदना पड़ रहा है। विगत लंबे समय से समितियों में खाद की किल्लत से परेशान किसानों की समस्या देखते हुए कांग्रेस द्वारा किसानहित में विरोध प्रर्दशन किया जा रहा है।
विधायक ओंकार साहू, पूर्व महापौर विजय देवांगन, पूर्व दुग्ध महासंघ अध्यक्ष विपिन साहू, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशु चन्द्राकर ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों में समय पर खाद नहीं मिल रही है, जिससे किसान मजबूरी में निजी दुकानों से कई गुना ज्यादा दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खाद की आपूर्ति में नाकाम रही है, जिससे किसानों की लागत बढ़ रही है और वे आर्थिक रूप से टूट रहे हैं। मानसून की बुवाई का वक्त है और किसानों के पास खाद नहीं है। सरकार किसानों को नकली खाद देकर उनकी उपज और भविष्य दोनों बर्बाद करना चाहती है। उन्होंने खाद की कालाबाजारी और नकली खाद की आपूर्ति का भी आरोप लगाया। एक ओर मोदी सरकार किसानों की आय दुगुनी करने का वादा करती है दूसरी ओर भाजपा सरकार किसानी कार्य को और जटिल व मंहगा बनाने पर तुली हुई है। इसस भाजपा के कथनी करनी का अन्तर स्पष्ट हो रहा है।
