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एक देश में दो निशान, दो प्रधान, दो विधान का डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने किया था पुरजोर विरोध – हरख जैन

नगर पंचायत व भखारा भाजपा मंडल द्वारा मनाई गई डॉ मुखर्जी की जयंती


भखारा। भाजपा नगर पंचायत एवं मण्डल भखारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा कार्यालय में नगर पंचायत भखारा-भठेली द्वारा स्थापित उनकी छायाचित्र पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की तथा उनके राष्ट्रहितकारी विचारों को स्मरण किया। इस अवसर पर रामगोपाल देवांगन, हरख जैन पप्पू एवं विष्णु साहू ने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वह महान राष्ट्रऋषि थे जिन्होंने एक देश में दो निशान, दो प्रधान, दो विधान नहीं चलेंगे का उद्घोष किया। वे राष्ट्रीय एकता के अखंड पुजारी थे और इसी संकल्प की पूर्ति के लिए 23 जून 1953 को उन्होंने अपना बलिदान दिया। आज राष्ट्र उनके उसी संकल्प की पूर्ति कर उनके जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता के बाद थे। उन्होंने कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा मानते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। हमें उनके सिद्धांतों पर चलकर भारत को सशक्त, समरस और एकजुट बनाना है। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। उनके बताये रास्ते पर नरेंद्र मोदी एवं अन्य प्रदेशों की सरकारें चल रही है.इस अवसर पर संतोष साहू, ईश्वर साहू, छबि लाल निर्मलकर, हितेंद्र साहू, पुनीत साहू, भूपेंद्र यादव, चुड़ामणि साहू आदि उपस्थित थे।

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