पारित कृषि मंडी संशोधन विधेयक बिल किसानों के हित में नहीं है-घनाराम साहू

घनाराम साहू किसान यूनियन जिला अध्यक्ष धमतरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधानसभा में कृषि मंडी संशोधन विधेयक बिल को पारित किया गया है वह किसानों के हित में नहीं है यह व्यापारी और अधिकारियों के हित में ज्यादा लगता है.सरकार द्वारा जो कानून बनाया गया है कि कृषि उपज मंडी के नियम की उल्लंघन करने पर व्यापारी या अधिकारी कर्मचारी या अन्य को अब जेल नहीं होगा केवल जुर्माना लेकर
छोड़ दिया जाएगा।पहले मंडी के नियम उल्लंघन करने पर जो भी दोषी पाया जाता था उनको 6 माह जेल होने का प्रावधान था अब इस नियम को संशोधन कर दिया गया है जो यह किसान मजदूर के हित में नहीं है यह सिर्फ पूंजी पति व्यापारियों के हित में है मंडी एक्ट संशोधन जो बिल लाए हुए हैं सरकार का कहना है की इस मंडी संशोधन से किसानों को बेहतर सुविधा मिलेगा और उनके उत्पादन को उचित कीमत मिलेगा लेकिन दूर-दूर से यह संभावना नहीं लगता यह सरकार द्वारा मंडी एक्ट में संशोधन किस नीति से लाया गया है वही जाने क्योंकि इस संशोधन से निश्चित रूप से व्यापारियों अधिकारियों को फायदा होगा और किसानों का इसमें किसी प्रकार का हित होने वाला नहीं है क्योंकि नियम का उल्लंघन करने पर अब सजा के बजाय 5000 रुपए जुर्माना रख कर छोड़ दिया जाएगा इस स्थिति में कानून का उल्लंघन करने वालों का मनोबल बढ़ेगा अपराध बढ़ेगा अधिकारी कर्मचारी एवं व्यापारियों को नियम उल्लंघन करने का खुला छूट रहेगा इसमें अधिकारी कर्मचारी और व्यापारी साठ गाठ कर भ्रष्टाचार करने की संभावना बढ़ेगी और मंडी प्रशासन को चूना लगाया जाएगा उल्टा भलाई के बजाय किसानों का शोषण होना तय है अतः किसान हित में इस संशोधन बिल को तत्काल वापस लिया जाए नहीं तो किसान संगठन द्वारा संशोधन के विरोध में सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।
घनाराम साहू किसान यूनियन जिला अध्यक्ष धमतरी

