शहर का सबसे पुराना सेंचुरी गार्डन हो रहा जर्जर, मरम्मत व व्यवस्था में है सुधार की जरुरत
पाथवे उखड़ा, गंदगी पसरी, हरियाली, गार्डनिंग का है बुरा हाल, लगातार बढ़ रही गार्डन में बदहाली

धमतरी। शहर का सबसे पुराना गार्डन सेंचुरी पार्क अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुका है। गार्डन को उपयोगी और आकर्षक बनाने में पहले करोड़ो खर्च किये गये है, लेकिन इसका लाभ आम जनता उम्मीद के अनुरुप उठा नहीं पाई अब गार्डन जर्जर होने लगा है।
बता दे कि सेंचुरी गार्डन में वॉक के लिए पाथवे बनाया गया है जिसमें चेकर लगाया गया है। उक्त चेकर कई स्थानों से उखड़ गये है। जिससे पाथवे बीच में रेत के ढेर में तब्दील हो जाता है। इससे वाक करने वालों को असुविधा होती है। गार्डन में हथियाली गायब हो रही है। नियमित माली और देखरेख की आवश्यकता है। गार्डनिंग नहीं हो रहा है। आकर्षक फूल पौधे उखाड़ हो चुके है। यहां अब इंसानों के साथ आवारा मवेशी भी विचरण करते रहते है। जो कि गंदगी फैलाने के साथ ही हरियाली को भी उजाड़ रहे है। उद्यान की दीवार, कुर्सिंयां, पाथ वे कई स्थानों से जर्जर हो गई है। यहां नियमित सफाई की भी कमी है। कुल मिलाकर कहा जाये तो यहां अव्यवस्था हावी है।
कोतवाली से कुछ मीटर है दूर, फिर भी असामाजिक तत्वों का रहता है जमघट

सेंचुरी गार्डन में आम जनता के से कंही ज्यादा असामाजिक तत्वों की आवाजाही रहती है। कुछ बदमाश तो यहां सुबह से लेकर देर रात तक डेरा जमाये रहते है। शराब, गांजा और गोलियां का नशा भी करते रहते है। कई बार यहां जुआ भी खेला जाता है। असामाजिक तत्वों की हरकतों के कारण लोग परेशान रहते है। विडम्बना है कि सेंचुरी गार्डन सिटी कोतवाली थाने से महज कुछ मीटर की दूरी पर है। इस मार्ग से दिन मे कई बार पुलिस वाले व पेट्रोलिंग गाडिय़ां गुजरती है। बाउजूद इसके गार्डन को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराने की दिशा में ध्यान नहीं दिया जाता।
घट रही लोगों की संख्या
सेंचुरी गार्डन में साल दर साल पहुंचने वाले लोगों की संख्या घटती जा रही है। इसके दो मुख्य कारण है पहला यहां गार्डन का सही रखरखाव न होना, लगातार अव्यवस्था व सुविधाओं का विस्तार होने के बजाये बदहाली बढऩा व दूसरा कारण है असामाजिक तत्वों की अड्डेबाजी। यहां असामाजिक तत्वों का डेरा लगता है। गार्डन के बाहर भी कई लड़के दिन भर पान, चाय, ठेला में खड़े रहते है। जिससे युवतियां व महिलाएं गार्डन आने से परहेज करती है।
तालाब में पहुंचता है नालियों का पानी

रमसगरी तालाब में सालों से नालियों का गंदा पानी पहुंचता है। बाउजूद इसके तालाब भर नहीं पाता है। पहले भी कई बार तालाब को भरने का प्रयास हुआ है। तालाब में गंगरेल बांध से पानी लाकर भरने का प्रयास भी हुआ, मानसून में अच्छी बारिश के बाद भी तालाब के लबालब होने की उम्मीद की गई, वर्तमान में तालाब में पानी है लेकिन धीरे-धीरे पानी सूख जाता है। ऐसा माना जाने लगा है कि शायद तालाब की सतह रेतीली है। इसलिए सतह पानी सोख लेता है। चूंकि तालाब में पर्याप्त पानी नहीं भर पाता इसलिए उद्यान की सुंदरता में चार चांद नहीं लग पाता। इसलिए भी लोगों का धीरे-धीरे सेंचुरी गार्डन से मोह भंग होने लगा है।
