ब्राम्हण समाज के कौशिल्या माता समिति का हुआ विस्तार
हरियाली उत्सव मनाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सौंपा गया नियुक्ति पत्र

धमतरी. कौशिल्या माता समिति जिला ब्राम्हण समाज धमतरी प्रमुख बरखा शर्मा ने समाज की जिलाध्यक्ष राकेश दीवान की अनुशंसा से अपनी जम्बो कार्यकारिणी का विस्तार किया। सभी पदाधिकारियों ने महापौर रामू रोहरा की उपस्थिति में शपथ ग्रहण करते हुए समाज और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। इसी के साथ ही कौशिल्या माता समिति का हरियाली महोत्सव भी हुआ। जिसमें सभी महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थानीय सामुदायिक भवन विंध्यवासिनी मंदिर के पीछे कौिशल्या माता समिति जिला ब्राम्हण समाज धमतरी का एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम हुआ जिसमें समिति का जिला स्तर पर विस्तार किया गया। साथ ही नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। बतौर अतिथि शामिल हुए महापौर रामू रोहरा ने कहा कि ब्राम्हण समाज एक जागरूक समाज है। इस समाज ने सदैव लोगों को शिक्षा, आशीर्वाद दिया है। नगर को समाज की जागरूकता की जरूरत है ताकि हम अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में कामयाब हो सके। उन्होंने उपस्थित समाजजनों को स्वच्छता को एक आंदोलन बनाने का आह्वान किया। समाज अध्यक्ष राकेश दीवान ने कहा कि बड़े हर्ष की बात है कि आज कौशिल्या माता समिति का विस्तार हुआ और बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता देकर जागरूकता का परिचय दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी यह समिति ब्राम्हण समाज के रचनात्मक कार्यों में योगदान देगी। समिति प्रमुख बरखा शर्मा ने उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशिल्या का मायके है और प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांजे है। उन्हीं के अनुरूप ही समिति का गठन कर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज अध्यक्ष राकेश दीवान की अगुवाई में समाज लगातार संगठित हो रहा है और रचनात्मक कार्यों के साथ मजबूती की ओर अग्रसर है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन नंदनी तिवारी और सीमा उपाध्याय ने किया।
समाज के विभूतियों का किया गया सम्मान
इस अवसर पर समिति द्वारा समाज के विभूतियों का अभिनंदन किया गया। प्रशुन्न शुक्ला जो नवागांव की सरपंच निर्वाचित हुई है साथ ही महिला बाल विकास विभाग की बाल संरक्षण अधिकारी अनामिका शर्मा का सम्मान किया गया। साथ ही यह निर्णय हुआ कि आगे भी समाज के अन्य विभूतियों का अभिनंदन किया जाएगा।
