यात्री बसों से किराया सूची गायब, आरक्षित सीटों का नहीं हो रहा पालन
निर्धारित किराया से वसूला जा रहा ज्यादा, लूटे जा रहे यात्री
एक ही दूरी के लिए अलग-अलग बसों में है अलग अलग किराया

धमतरी। जिले से रोजाना सैकड़ों यात्री बसों का आवागमन होता है। नियमों का पालन नहीं होने के कारण यात्री ज्यादा किराया देने मजबूर है। साथ ही महिलाओं, दिव्यांगो को नियमों का लाभ नहीं मिल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले से रायपुर जगदलपुुर, दुर्ग बालोद गरियाबंद, राजनांदगांव, भखारा, नगरी सिहावा, भानप्रतापपुर रुट के लिए बसे चलती है। इन रुटो पर 24 घंटे सैकड़ो बसों का रोजाना परिचालन होता है। इनमें हजारों यात्री सफर करते है। सफर के दौरान कई बार यात्री लूटे भी जाते है। दरअसल सभी यात्री बसों में किराया सूची चस्पा करना अनिवार्य है। लेकिन कई बस मालिकों द्वारा किराया सूची चस्पा ही नहीं कराया गया है। इसका फायदा कुछ बस परिचालकों द्वारा उठाया जाता है। यात्रियों से मनमाना किराया वसूला जाता है। जब यात्री इसका विरोध करते है तो कुछ परिचालको द्वारा उल्टे दुव्र्येवहार किया जाता है। कई बार तो चलते बस से उतारने की बात भी कही जाती है। इसलिए ज्यादा किराया का विरोध भी यात्रियों द्वारा नहीं किया जाता। विडम्बना है कि एक समान बसे जिनमें सीटे और सुविधाएं समान होती है उन बसों में एक समान दूरी के लिए किराया अलग-अलग होता है। कुछ बस परिचालकों द्वारा कम तो कुछ ज्यादा भाड़ा वसूलते है। इससे भी विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त यात्री बसों में सीट आरक्षण नियम भी होता है जिसमें दिव्यांग महिला व बुजुर्गो के लिए सीट आरक्षित होती है। लेकिन इस आरक्षित सीट नियम का कभी पालन ही नहीं होता। बस परिचालकों द्वारा भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता। बसों में पहले आओं पहले पाओं का सिस्टम चलता है। कई बार तो आरक्षित सीट से भी महिलाओं बुजुर्गो को हटाया जाता है। और उनकी सीट ज्यादा दूरी वाले यात्री को दे दिया जाता है। परिवहन विभाग द्वारा इस ओर कभी कभार जांच कार्रवाई की जाती है ऐसे में कार्रवाई का ज्यादा असर होता नहीं है। अगले कुछ दिनों मे फिर से नियमों की धज्जियां उड़ाई जाती है। व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है जिससे यात्रियो को राहत मिल सकें।
