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भीष्म तपस्वी विराग मुनि जी की विराट तप यात्रा जारी

146वें उपवास पर भी तेजस्वी साधना, संयम और सेवा का अद्भुत संदेश

भखारा/धमतरी. जैन समाज के परम पूज्य संत तपचक्रवर्ती, गणिवर्य श्री विरभद्र मुनि जी महाराज साहब (विराग मुनि जी) की विराट तप यात्रा इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है। महान गुरु विनय कुशल मुनि जी के सुशिष्य विराग मुनि जी महाराज साहब अपनी कठिन तपस्या एवं संयममय जीवन से कलयुग में भी सतयुग का दर्शन करा रहे हैं।

146वें उपवास पर भी पूज्य मुनिश्री की शांत, हसमुख और तेजस्वी मुद्रा श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रही है। भीषण गर्मी के बावजूद उनकी तपस्या निरंतर गतिमान है। वर्तमान में उनका विहार धमतरी से रायपुर की ओर हो रहा है, जो भखारा से आगे सिलीडीह एवं खोरपा मार्ग से आगे बढ़ेगा।

श्रद्धालुओं ने बताया कि इतनी कठिन तपस्या के पश्चात भी गुरु महाराज साहब स्वयं साथी मुनियों के लिए गोचरी हेतु घर-घर जाते हैं एवं निरंतर विहार कर रहे हैं, जो वास्तव में अद्भुत, अनुकरणीय एवं प्रेरणादायक है। उनकी तपस्या और त्याग की जितनी अनुमोदना की जाए, वह कम है।

जैन धर्मशाला में तहसीलदार भूपेश चंद्राकर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हरिकृष्ण पावरिया, नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरख जैन सहित बड़ी संख्या में अन्य स्थानों से भी श्रद्धालुओं एवं आगंतुक जनों ने दर्शन लाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर पूज्य महाराज साहब ने अपने दर्शन लाभ को पधारे लोगों से कर्म क्षेत्र में संयम, आत्मनियंत्रण एवं सेवा भाव बनाए रखने तथा दीन-दुखियों की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का आवाहन किया।

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