Uncategorized

खांसी, बुखार से पीडि़त 12 वर्षीय बच्चें को झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया इंजेक्शन, मौत

बिना वैध डिग्री के लापरवाही पूर्वक ईलाज से गई बच्चे की जान

जांच में जुटी कुरुद पुलिस, पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार

धमतरी। सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार से पीडि़त बच्चे का उपचार के दौरान मौत का मामला सामने आया है। जिसमें प्रथम दृश्या उपचार करने वाले एक झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार कुरुद थानान्तर्गत रेवाराम साहू के 12 वर्षीय पुत्र को सर्दी, खांसी, बुखार की शिकायत थी जिसे गांव के एक डॉक्टर के क्लीनिक में उपचार हेतु लाया गया था। उपचार के दौरान डाक्टर ने बच्चे के दाहिने हाथ के नश में इंजेक्शन लगाया जिसके बाद बच्चे की तबियत बिगडऩे लगी बच्चे को गर्मी का अहसास होने लगा, शौच आना लगा। फिर नाक और मुंह से झाग निकलने लगा, स्थिति बिगड़ते देख परिजनों व तथाकथित डाक्टर द्वारा बच्चे को सिविल अस्पताल कुरुद पहुंचाया गया जहां उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने तथाकथित डॉक्टर पर लापरवाहीपूर्वक ईलाज का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही कुरुद पुलिस भी सक्रिय हुई एसडीओपी रागिनी मिश्रा के नेतृत्व में कुरुद थाना प्रभारी राजेश जगत टीम के साथ जांच में जुटे रहे। पहले तो परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराने पर अड़ेे रहे लेकिन पुलिस की काफी समझाईश के बाद पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। पुलिस सूत्रो की माने तो आरोपी डाक्टर के पास इस प्रकार ईलाज हेतु कोई वैध डिग्री नहीं है। फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है लेकिन पोस्टमार्टम व बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है।

”लापरवाहीपूर्वक ईलाज से बच्चे की जान जाने के आरोप पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम व बिसरा रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ÓÓ
रागिनी मिश्रा
एसडीओपी कुरुद

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!