धमतरी पुलिस की कार्य क्षमता बढाने विवेचकों की विशेष कार्यशाला का आयोजन
अपराध स्थल के मौके पर की जाने वाली जांच पर प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के एफ एस एल अधिकारी और सभी राजपत्रित अधिकारी हुए शामिल,दिए अहम सुझाव

एसपी ने अधिकारियों को वैज्ञानिक जांच करने किया प्रेरित ताकि अधिक से अधिक मामले में दोष सिद्ध किया जा सके
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में जिला पुलिस बल के अधिकारियों हेतु एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का संचालन राजपत्रित अधिकारियों और वैज्ञानिक अधिकारी श्री अमित कुमार पटेल द्वारा किया गया। कार्यशाला तीन अलग-अलग सत्रों में आयोजित हुई, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना चौकी प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे.एसपी धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार ने कहा कि समयबद्ध रूप में अपराध स्थल जांच पुलिस विवेचना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक अधिकारी को इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर अपनी जांच को और अधिक सटीक बनाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक मामलों में दोष सिद्ध किया जा सके।वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने विस्तार से बताया कि अपराध स्थल को सबसे पहले सुरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।एफएसएल जांच में पुलिस का सहयोग अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी कारण वैज्ञानिक अधिकारी तत्काल घटना स्थल पर न पहुंच पाएं तो पुलिस अधिकारियों को साक्ष्यों की सुरक्षा हेतु क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए।वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा अपराध स्थल का प्रदर्शन करते हुए यह बताया गया कि किसी भी अपराध स्थल की जाँच के दौरान किन-किन सामग्री एवं उपकरणों की आवश्यकता होती है और उन्हें किस प्रकार सुरक्षित रखा जाता है.कार्यशाला में अपराध स्थल जांच की तीन अहम भूमिका पर विशेष जोर दिया गया.जिसमे अपराध की सही तस्वीर सामने लाने हेतु भौतिक साक्ष्य जुटाना।संदिग्धों की पहचान – संभावित आरोपियों को चिन्हित करने के लिए वैज्ञानिक परीक्षण व विश्लेषण।अपराध का कारण और तरीका समझना – घटना कैसे और क्यों हुई, इसका निर्धारण।प्रशिक्षण के दौरान डीएनए, रक्त, डायटम, आग्नेयास्त्र जैसे वैज्ञानिक परीक्षणों की अहमियत पर भी चर्चा हुई। साथ ही धमतरी जिले के कुछ पुराने मामलों का उदाहरण देकर अपराध स्थल जांच की उपयोगिता समझाई गई।
कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चन्द्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी ने भी एफएसएल की उपयोगिता और वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया की बारीकियों पर प्रकाश डाला।इस कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस विवेचना को वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित बनाना था, ताकि हर अपराध की सटीक जांच कर
आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। एसपी धमतरी द्वारा तीनों सत्रों में उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्राप्त कर पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मणिशंकर चन्द्रा एवं नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी,डीएसपी. सुश्री मीना साहू,सुश्री मोनिका मरावी,श्रीमती रागिनी मिश्रा, थाना चौकी प्रभारी सहित जिले के विवेचन अधिकारी अधिक संख्या उपस्थित थे।