उत्कल गाड़ा समाज द्वारा आयोजित नुआखाई जुहार कार्यक्रम मे शामिल हुए समाजसेवी कोमल संभाकर
यह सिर्फ नया अनाज खाने का पर्व नहीं है अपनी संस्कृति और परम्पराओ कओ आगे बढ़ाने का पर्व है- कोमल संभाकर

धमतरी। उत्कल गाड़ा समाज द्वारा आयोजित नुआखाई जुहार कार्यक्रम बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस सांस्कृतिक और परंपरागत कार्यक्रम में समाज के सदस्यों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।कार्यक्रम में मुख्य रूप से युवा समाजसेवी कोमल संभाकर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि नुआखाई पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सिर्फ नया अनाज खाने का पर्व नहीं है अपनी संस्कृति और परम्पराओ कओ आगे बढ़ाने का पर्व है.कोमल संभाकर ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ।कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक नृत्यों ने वातावरण को जीवंत और उल्लासपूर्ण बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने इस अवसर पर अपने परिजनों और मित्रों के साथ मिलकर नवा अनाज ग्रहण किया और एक-दूसरे को नुआखाई की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संतोष जगत, संतराम बघेल, चरण सिंह जगत, संदीप नागेश, कमल नारायण जगत, सुनील जगत, राजेश नागेश, कन्हैया नागेश, मुकेश नागेश, गणेश प्रधान सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।


