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निगम के कई दुकाने सालों से है खाली, हो रहा जर्जर

इतवारी बाजार काम्पलेक्स, सहित कुछ अन्य दुकानों का नहीं हो रहा उपयोग

धमतरी। नगर निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जनता के पैसों से कई दुकानों, शेड, पसरा आदि का निर्माण कराया गया है। लेकिन इनमें कुछ ऐसे भी है। जिनका उपयोग निर्माण के बाद से अब तक नहीं हो पाया और ये मात्र पैसों की बर्बादी ही साबित हुए है।
इतवारी बाजार के प्रथम तल में नगर निगम द्वारा सालों पूर्व व्यवसायिक काम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया। निगम को उम्मीद थी कि उक्त दुकान के बनने से ही दुकाने हाथों-हाथ बिक जायेगी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। बनने से पहले तो दूर की बात बनने के सालों बीतने के बाद भी कोई खरीददार किरायेदार तक नहीं मिला। इसका दुष्परिणाम यह हो रहा है कि खाली पड़े-पड़े अब दुकाने भी जर्जर होने की ओर है। इतवारी बाजार स्थित काम्पलेक्स जानवरों का अड्डा बन चुका है। यहां गंदगी, मल मूत्र फैला रहता है। यहां गंजेडिय़ों शराबियों की भी महफिल सजती है। कुछ असामाजिक तत्व के लोग काम्पलेक्स में डेरा लगाये बैठे रहते है। इसका प्रकार कहा जा सकता है कि निगम द्वारा बनाया गया यह काम्पलेक्स असामाजिक तत्वों और नशेडिय़ों के काम आ रहा है। ज्ञात हो कि निगम द्वारा लगभग 36 दुकाने लाखों खर्च कर बनाया गया था। लेकिन यह काम्पलेक्स पूरी तरह असफल साबित हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के लिए निगम द्वारा उक्त काम्पलेक्स में व्यवसाय को बढ़ावा देने पूर्व में व्यापारियों को नियमों में कुछ रियायत देने की पेशकस की गई थी। बाउजूद इसके उक्त काम्पलेक्स में व्यापार को गति नहीं दी जा सकी। आसपास के दुकानदारों ने चर्चा के दौरान बताया कि प्रथम तल में दुकान होने से यहां व्यापार संचालित करने में परेशानी होगी। यहां दुकानों से बेहतर दफ्तरों का संचालन होगा। लेकिन आसपास का माहौल और आसमाजिक तत्वों का डेरा भी बेहतर आदर्श माहौल के विपरीत है। ऐसे में लोग यहां आफिस आदि का संचालन करने से परहेज कर रहे है। स्वच्छता और माहौल में सुधार कर एक साथ कुछ दुकानों को संचालित किया जाये तो शायद यहां वीरान पड़े काम्पलेक्स में हलचल लाई जा सकती है। सभी दुकाने खाली होने के कारण अगर कोई एक व्यक्ति दुकान लेना चाहे तो भी लेना उनके लिए संभव नहीं हो पाता।
सिटी लैब का होना था संचालन लेकिन नहीं हो पाया शुरु
राज्य सरकार की मंशानुरुप प्रत्येक शहर में लैब खोला जाना था ताकि काफी कम दरों पर लोगों को पैथालाजी संबधित सुविधायें मिल सकें। निगम द्वारा टेंडर निकाला गया। लेकिन शासन के नियमों के पेंच में योजना उलझ कर रह गई है। निगम द्वारा ईतवारी बाजार काम्पलेक्स को लैब के लिए चिन्हित भी कर दिया था लेकिन लैब प्रारंभ ही नहीं हो पाया। यदि लैब प्रारंभ होता तो शायद अन्य दफ्तरे व दुकानों का संचालन शुरु हो पाता।

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