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बारिश से फसल नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाय-लेखराम साहू

कुरूद के पूर्व विधायक ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में निर्मित गहरे अवदाब के चक्रवाती तूफान मोंथा का पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। मंगलवार की सुबह से मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में काले-घने बाद छाने के साथ दोपहर बाद सांय करीब पांच बजे छत्तीगढ़ के मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। इसके साथ ही दूसरे दिन बुधवार को तड़के भी बादल जमकर बरसे। मौसम विभाग की माने तो आगली दो से तीन दिनों तक मौसम के इसी प्रकार बने रहने की संभावना है। इधर चक्रवाती तूफान मोंथा के सक्रिय होने और मौसम का मिजाज बदलने से किसनों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है खेतों में लगभग 70 फीसदी धान की फसल पककर पूरी तरह से तैयार हो गई है और अधिकाश किसानों ने तो फसल काटना शुरू भी कर दिया था। ऐसे में चक्रवाती तूफान के कारण अचानक बारिश होने से एक ओर जहां कट चुकी धान की फसल खेतों में लबालब पानी भर जाने के कारण डूब गई है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द मौसम नहीं खुला और धूप नहीं निकली तो धान के अंकुरण होने का भी खतरा बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के कारण खड़ी फसल खेत में पूरी तरह से सो गई है, चूंकि बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसल सड़ने की भी आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण एक ओर जहां कीट पतंगों के प्रबंधन में उन्हें आर्थिक बोझ उठानी पड़ी है। किसी तरह से कीटों से फसल की सुरक्षा किए हैं और अब फसल पककर पूरी तरह से काटने के लिये तैयार है ऐसे समय में अचानक बारिश के कारण उन्हे दोहरी मार झेलनी पड़ रही है उनका यह भी कहना है कि आज मंहगाई के दौर में फसल उत्पादन करना किसी चुनौती से कम नहीं है। हाईब्रिड धान के बीज व रसायनिक खाद से लेकर मजदूर महंगे हो गए है। जिससे खेती में ज्यादा लागत और मुनाफा कम हो गया है। खेती करने के लिए कई किसानों ने सहकारी समिति सहित अन्य जगहों से ऋण में सामग्री क्रय किया है, जिससे वे कर्ज तले दबे हुए है। उन्होने कहां कि अगर चक्रवाती तूफान लंबा खिंचा और लगातार बारिश हुई तो वे पुरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।उल्लेखनीय है कि चक्रवाती तूफान मोंथा का असर दूरस्थ पहाड़ी व वनांचल क्षेत्रों में भी देखने को मिला। जहां भारी बारिश के कारण धान के खेतों में पानी भर गया है।

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