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सुर, संगम और समर्पण से सजी रजत महोत्सव की संध्या

श्रीमती तरूणा साहू की पंडवानी का असर और राहुल बैंड, कत्थक, भरतनाट्यम, राउत नाचा की रूहानी महक

*संगीत की सुरमयी शाम में झूम उठा राज्योत्सव मैदान*

धमतरी 04 नवम्बर 2025/छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सोमवार 3 नवम्बर 2025 की रात संगीत, नृत्य और लोक संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला। पंडवानी गायिका श्रीमती तरूणा साहू ने अपनी मनमोहक आवाज़ से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं राहुल बैंड की रंगारंग प्रस्तुति सहित स्वच्छता अभियान की ’’गाड़ीवाला आया घर से कचरा निकाल’’ं ’’सीताहरण नृत्य नाटिका’’, ’’सूर्य नमस्कार’’, ’’दुर्गा स्तुति’’, ’’राउत नाचा’’, छत्तीसगढ़ संस्कृति आधारित सामुहिक नृत्य, ’’नशा मुक्ति पर युगल नृत्य’’ ’’प्रकाश साहू के लोकनृत्य’’ ’’कत्थक नृत्य’’, गायन आदि लोगों के दिलों में संगीत की हलचल मचा दी। दर्शकों की तालियों और नृत्य से पूरा प्रांगण गूंज उठा।

पंडवानी की वीरता की रूहानी छुअन

छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा को आगे बढ़ाते हुए श्रीमती तरूणा साहू ने अपने तानपुरे और अभिव्यक्तिपूर्ण मुद्राओं से महाभारत की द्रोपदी चीरहरण की गाथा के ताजा कर दिया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविह्वल कर दिया और वे देर तक मंच से नज़रें नहीं हटा सके। उन्होंने महाभारत के चीरहरण की घटनाओं को मार्मिक और ह््रदयस्पर्शी ढंग से प्रस्तुत किया।
इसके बाद राहुल बैंड की प्रस्तुति ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने से नही रोक सका

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