वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति समर्पण, साहस और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक: कलेक्टर श्री मिश्रा
वंदे मातरम् के 150 वर्ष : प्रधानमंत्री के उद्बोधन के साथ देशव्यापी कार्यक्रमों का शुभारंभ

धमतरी जिले में सामूहिक गायन, प्रेरणादायी उद्बोधन और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुति
धमतरी-वंदे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में जनभागीदारी आधारित कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायी उद्बोधन के साथ हुआ। प्रातः 10 बजे दूरदर्शन के माध्यम से प्रधानमंत्री का संबोधन देशभर के शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं जनप्रतिनिधि संस्थाओं में प्रत्यक्ष प्रसारित किया गया। उद्बोधन उपरांत उपस्थितजन एवं विद्यार्थियों द्वारा एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया, जिससे देशभक्ति और एकता का संदेश गूंज उठा।जिला स्तरीय कार्यक्रम धमतरी जिले के विकासखंड कुरूद स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सम्बलपुर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जनप्रतिनिधि श्रीमती शशि पवार, उपाध्यक्ष जिला पंचायत गोकरण साहू, सभापति जिला पंचायत श्रीमती मोनिका देवांगन, जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल, विद्यालय प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम् थीम पर बनाई गई आकर्षक चित्रकला और रंगोली प्रदर्शनी का अतिथियों ने अवलोकन किया तथा उनकी रचनात्मकता की सराहना की.कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को वंदे मातरम् गीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके रचयिता महान साहित्यकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के योगदान से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति समर्पण, साहस और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्यायों से प्रेरणा लेने की अपील की।उन्होंने आगे कहा कि धमतरी जिले ने स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान दिया है। हमारे जिले के वीर सपूतों बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, पंडित नारायणराव मेघावाले, नाथू जगतपाल एवं नत्थूजी जगताप जैसे सेनानियों ने देश की आज़ादी के लिए जो त्याग किया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र के इन अमर सेनानियों और स्थानीय इतिहास को जानें, समझें और उनसे सीख लेकर देश के निर्माण में योगदान दें। जनप्रतिनिधि श्रीमती शशि पवार एवं श्री गोकरण साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व एवं नई शिक्षा नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय मूल्यों के संवर्धन पर अपने विचार साझा किए|
छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग, मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार “वंदे मातरम् 150” वर्षगांठ के अवसर पर चार चरणों में कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। पहले चरण के कार्यक्रम 7 से 14 नवम्बर 2025, दूसरे चरण के 19 से 26 जनवरी 2026, तीसरे चरण के 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ) तथा समापन चौथे चरण के 1 से 7 नवम्बर 2026 तक आयोजित होंगे।इस भव्य जनभागीदारी अभियान के माध्यम से पूरे वर्षभर देशवासियों को राष्ट्रभक्ति, एकता और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा।
