बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत कार्यशाला सम्पन्न,धमतरी के 222 ग्राम पंचायत हुए बाल विवाह मुक्त
बाल विवाह मुक्त की ओर जिला धमतरी

धमतरी-बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान अंतर्गत जिला धमतरी को बाल विवाह मुक्त करने आज कम्पोजिट बिल्डिग में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला- धमतरी के द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस विभाग, श्रम विभाग, शिक्षा विभाग तथा महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी परियोजना अधिकारी एवं सुपरवाईजर बाल कल्याण समिति,किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य, आगनबाडी कार्यकर्ता, चाइल्ड हेल्प लाईन सहित गैर शासकीय संस्था, नशा मुक्ति केन्द्र, बालगृह, एक्जेक्ट फांउडेशन के प्रतिनिधि, किराया भंडार, कैटर्स, पुरोहित उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारभ डीएसपी एस. करण दीप ध्रुव (मुख्य अतिथि) एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती जगरानी एक्का, की अध्यक्षता एवं विशेष अतिथि श्री टुमन डडसेना, टी आई थाना केरेगाव तथा परियोजना अधिकारी सुमित गंडेचा, श्रीमती सरिता कुशवाहा, श्रीमती उषाकिरण चन्द्राकर, सोमेन्द्र साहू के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद वन्देमातरम गीत भी गाया गया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री आनंद पाठक के द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के सम्बंध में विस्तृत जानकारी देते हुये कहा गया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की एवं 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आता है। बाल विवाह करने वाले पुरुष सहित बाल विवाह को प्रोत्साहन देने वाले व अनुष्ठान करने वाले पुरोहित एवं बाल विवाह में सम्मिलित होने वाले भी अपराधी के श्रेणी में आयेंगें, जिन्हे 2 साल की सजा एवं 1 लाख रूपये जुर्माना दिये जाने का प्रावधान है। बाल विवाह की रोकथाम में आने वाले चुनैतीयों तथा अन्य विभागों की भूमिका के सम्बंध में परियोजना अधिकारी श्री सुमित गंडेचा ने विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए कहा की पंडित जी, टेंटवाले, कार्ड छापने, हलवाई, ज्वेलरी, मितानिन, कोटवार इत्यादि सभी की जवाबदारी हो जाती है कि वे बाल विवाह न होने के संबंध में पंचायत के आम आदमियों तक जागरूक किया जावें।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का ने कहा कि आयु के संबंध में सबसे पहले आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के द्वारा पंजीयन किया जाता है, जिन्हे ग्राम में हो रहे बाल विवाह की जानकारी होने पर समय से पहले जानकारी देते हुए रोका जा सकता है। इससे सामने वाले पक्ष को आर्थिक क्षति न हो सके एवं रिश्तेदारों के समक्ष उसकी छवि धूमिल न हो पाये। उन्होने यह भी कहा कि बाल विवाह होने की सूचना 1098 में देवे। वहीं डीएसपी श्री एस.करण दीप ध्रुव ने कहा कि बाल विवाह को रोकना नाबालिक बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, और अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। बाल विवाह होने पर पुरूष पर पॉक्सों एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज होता है जिससे पूरी जिन्दगी अंधकारमय हो जाता है जिस बात को हर थाने के परिक्षेत्र में आने वाले ग्राम पंचायतो में लोगो को जागरूक करना चाहिए। कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त करने के संबंध में उपस्थित जन समुदाय को शपथ ग्रहण कराया गया।
कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन करते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री महेश मरकाम ने कहा कि अभी धमतरी के 370 ग्राम पंचायतो में से 222 ग्राम पंचायतो से बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत किये जाने के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त हो चुके है. 31 मार्च 2026 तक धमतरी पूर्णरूप से बाल विवाह मुक्त जिला घोषित हो जायेगा। इस अभियान में सरपंच, सचिव सहित समाज प्रमुखो, मीडिया प्रतिनिधियों, समाज से जुडे सेवा प्रदाताओं जैसे पुरोहित, गैर सरकारी संगठन, शिक्षक, स्व सहायता समूहों का सहयोग मिल रहा है। कार्यक्रम में समस्त थानों से विशेष पुलिस इकाई के प्रधान आरक्षक, आरक्षक गैर सरकारी संगठन से लक्ष्मी सोनी, रूबी कुर्रे, मनोज साहू, नेहा देवांगन, विजय मिश्रा, एसजेपीयू कार्यालय से प्रधान विष्णु ध्रुव, किशोर न्याय बोर्ड एवं बाल कल्याण समिति के समाजिक कार्यकर्ता तथा विधि सह परिवीक्षा अधिकारी प्रमोद अमृत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संरक्षण अधिकारी (संस्थागत) यशवंत बैस द्वारा किया गया।